कन्नौज। पत्नी की जलाकर हत्या करने के मामले में गवाह व साक्ष्य के आधार पर एफटीसी न्यायाधीश हरेंद्र नाथ ने पति को दोषी करार कर उम्रकैद की सजा सुनाई। साक्ष्य के अभाव में सास व जेठ जेठानी को न्यायाधीश ने दोषमुक्त कर दिया।
जनपद फर्रुखाबाद थाना जहानगंज के गांव बहोरिकपुर के मजरा नगला रघोल निवासी प्रहलाद सिंह ने 26 फरवरी 2015 को कोतवाली छिबरामऊ गांव सलेमपुर निवासी बहनोई सत्यभान, बड़े भाई समरपाल, भाभी इंद्रावती, मां मीरा देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि बहन पूनम की शादी सत्यभान के साथ 19 जून 2007 को की थी। क्षमता के अनुसार दान दहेज भी दिया था। इसके बाद भी ससुरालीजन दहेज को लेकर बहन से मारपीट करते थे।
26 फरवरी 2015 को ससुरालीजनों ने पूनम को आग लगाकर मार डाला। विवेचक ने जांच पड़ताल के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर पति सत्यभान को दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई।
दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। साक्ष्य के अभाव में सास मीरा देवी, जेठ समरपाल, जेठानी इंद्रावती को दोषमुक्त कर दिया गया।