कन्नौज। लेखपाल संघ ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए बहिष्कार किया। तहसील परिसर में ही दरी बिछाकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद आठ सूत्री मांगों से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को सौंपा।
डीएम की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने बहिष्कार कर दिया और आयोजन में शामिल नहीं हुए। सदर तहसील में प्रदर्शन कर रहे लेखपालों ने बताया कि नौ वर्ष से शैक्षणिक योग्यता एवं पदनाम परिवर्तन करने, प्रारंभिक वेतनमान उच्चीकरण,एसीपी विसंगति, मृतक आश्रित लेखपालों की पुरानी पेंशन विसंगति आदि की मांग की गई है। विशेष वेतन भत्ता 100 से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिमाह करने की मांग कई बार की गई। इस पर निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
इस दौरान लेखपाल शुभम मिश्रा,अखिलेश कुमार, बृजेश कुमार, विजयकांत, अंकित राजपूत, रामाधार, रीतू सिंह, अभिषेक द्विवेदी, आशीष पाल, आलोक तिवारी, राजदीप सक्सेना, दुर्गेश कुमार गुप्ता, रतन कुमार आदि मौजूद रहे।
संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर लेखपालों का धरना
फोटो:22: तहसील परिसर में धरना देते लेखपाल। संवाद
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
छिबरामऊ। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष की अपील पर लेखपालों ने शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार तहसील परिसर में धरना दिया। इसके बाद विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
लेखपाल संघ के अध्यक्ष नितिन कुमार के नेतृत्व में लेखपालों ने तहसील के बरामदे में सुबह 10 से दो बजे तक धरना दिया। इसके बाद एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि प्रारंभिक वेतनमान उच्चीकरण, पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि, एसीपी विसंगति, भत्तों में वृद्धि तथा नियत यात्रा भत्ता के स्थान पर वाहन भत्ता, लेखपालों का पद नाम राजस्व उप निरीक्षक किया जाए। इस दौरान मंत्री रोहित सिंह, अश्वनी कुमार, ओमेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, आशीष अवस्थी आदि मौजूद रहे।