कन्नौज। शादी का सपना दिखाकर शारीरिक शोषण, लाखों रुपये की ठगी और फिर शिकायत दबाने के लिए धमकी, बुधवार को सदर कोतवाली में दर्ज हुई एक प्राथमिकी ने जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। वजह सिर्फ आरोपों की गंभीरता नहीं। बल्कि वह मोबाइल नंबर भी है जिससे कथित तौर पर पीड़िता को धमकाया गया। ऐसा दावा किया गया है कि वह नंबर सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह का निजी मोबाइल नंबर है।
एडीजी कानपुर के आदेश पर पीड़िता की ओर से दर्ज करवाई गई प्राथमिकी में सदर कोतवाली क्षेत्र के सैदहा गांव निवासी अमरनाथ सिंह को नामजद किया गया है। पीड़िता के अनुसार वर्ष 2024 में उसकी आरोपी से पहचान हुई थी। आरोप है कि अमरनाथ ने शादी का भरोसा देकर नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में संबंध बनाए। कुछ समय बाद उसे पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है। विरोध करने पर कथित रूप से वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाया जाने लगा।
प्राथमिकी के मुताबिक आरोपी ने जरूरत और मजबूरी का हवाला देकर लगातार रुपये मांगे। कभी पेट्रोल, कभी मोबाइल रिचार्ज तो कभी अन्य खर्चों के नाम पर रकम ली जाती रही। आरोप है कि धीरे-धीरे 21 लाख रुपये उसके, परिवार और परिचितों के खातों से आरोपी तथा उसके करीबियों के खातों में पहुंच गए। पीड़िता का दावा है कि रुपये जुटाने के लिए खेत और मां के जेवर भी गिरवी रखने पड़े। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी छह माह पहले ठगी के मामले में जेल गया था। जेल से बाहर आने के बाद उस पर शिकायत न करने का दबाव बढ़ गया। 12 जून को एक मोबाइल नंबर से फोन कर धमकी दी गई।
पीड़िता का आरोप है कि यह नंबर सदर कोतवाल का निजी नंबर है। यही आरोप अब पूरे मामले का सबसे संवेदनशील पहलू बन गया है। पीड़िता का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद एडीजी कानपुर के निर्देश पर छह जुलाई को सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई। इस संबंध में सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अमरनाथ पत्नी के साथ युवती के खिलाफ शिकायत लेकर आया था। उन्होंने युवती को फोन कर समझाया था। इसकी रिकॉर्डिंग एडीजी को भेज दी गई है। मामले की विवेचना की जा रही है।
चैटिंग और बैंक ट्रांजेक्शन का दावा
पीड़िता ने शिकायत में दावा किया है कि उसके पास बैंक ट्रांजेक्शन, चैटिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। इन दस्तावेजों और रिकॉर्ड की पड़ताल कर आरोपों की सत्यता परखेंगी।