कस्बे में बीती रात रामचरित मानस अखिल चेतना मंच के
तत्वावधान में चल रही रामलीला के पहले दिन धनुष यज्ञ, राम सीता विवाह एवं
परशुराम लक्ष्मण संवाद लीला का मंचन किया गया। सुबह तक चली रामलीला में
दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी।
शुभारंभ भगवान गणेश की आरती उतारकर किया
गया। जनक का अभिनय कर रहे कलाकार हरिश्चंद्र त्रिपाठी अनेई बिल्हौर कानपुर
का मार्मिक विलाप सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए। लीला के दौरान दिखाया गया
कि दूर-दूर से आए राजा शिव धनुष को हिला तक नहीं पाते हैं। इस पर जनक ने
विलाप किया और कहा कि पृथ्वी वीरों से खाली है।
यह सुनकर गुरु विश्वामित्र
के आदेश पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। इस पर पूरा
पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। इसके बाद परशुराम एवं लक्ष्मण के
बीच कई घंटे तक संवाद हुआ। सुबह नौ बजे संवाद समाप्त हुआ। राम का अभिनय
राकेश त्रिपाठी शोभन कानपुर व लक्ष्मण का निर्मल मिश्रा कानपुर ने किया।
परशुराम का अभिनय शिवप्रकाश त्रिवेदी गोवा गार्डेन कल्यानपुर, रावण का
राजीव चतुर्वेदी कानपुर, वाणासुर का रामसेवक वर्मा ने किया। व्यास की
भूमिका बब्बन शुक्ला ने निभाई। समिति अध्यक्ष अमित मिश्रा, हिमांशु दुबे,
सोनम तिवारी, लवम पाठक, गणेश तिवारी, दिलीप सक्सेना, सचिन मिश्रा, दीपक
कुमार आदि ने व्यवस्थाएं संभालीं।