न्यायालय का गेट बंद कर खड़े वकील।
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वकीलों और सिपाही के बीच मारपीट के मामले ने सोमवार को और तूल पकड़ लिया। एकतरफा कार्रवाई और प्रशासन के रवैय को मनमाना करार देते हुए वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। मामले में अब तक एक नामजद व चार अज्ञात वकीलों पर एससी, एसटी एक्ट के तहत सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद से वकील छह दिनों से हड़ताल पर थे। सोमवार को कोर्ट तो खुली लेकिन कोर्ट के दरवाजे वकीलों के लिए बंद रहे।
वकील अपने साथियों के ऊपर लगाए गए मुकदमे को फर्जी बताते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। सोमवार को न्यायालय के वकील पूरी तरह से न्यायिक कार्य से विरत रहे। संगठन के पदाधिकारी व सदस्य वकीलों ने सुबह से ही न्यायालय रोड पर बाइकों को खड़ाकर व सूखी झाड़ों को डालकर रोड जाम रखी।
इस दौरान किसी भी व्यक्ति को उधर से निकलने नहीं दिया गया। सुबह ही वकील न्यायालय के गेट पर खड़े हो गए। इस दौरान कोई भी वकील कोर्ट परिसर में नहीं जा पाया। जिसने जाने की कोशिश भी की उसे हर तरह से समझाबुझा हड़ताल कर रहे वकीलों ने अपने साथ ही शामिल कर लिया।