क्षेत्र में देर रात आई आंधी ने जमकर कहर ढाया। दर्जनों पेड़ और कई स्थानों पर बिजली के खंभे धराशायी हो गए। कई दुकानों के टीनशेड हवा के झोंकों से दूर जा गिरे। एक मकान की दीवार ढह गई। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। दर्जनों गांवों में बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई, जो कि खबर लिखे जाने तक बहाल नहीं हो सकी थी।
शनिवार देर रात बूंदाबांदी के साथ तेज हवाओं ने कुड़री, बिरियाहार, फिरोजपुर, ताहपुर, खबरामऊ, बरगांवा, मझैया समेत कई गांवों में पेड़ टूट गए, इससे मार्ग भी अवरुद्ध कर दिया। कुड़री के समीप अमोलर-गुरसहायगंज मार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन देर रात से सुबह 10 बजे तक ठप रहा। लोगों को मजबूरी में सुजान सरांय होकर जाना पड़ा।
तेज हवा के झोंकों से भोजपुर में भूरा यादव की दीवार पर रखे छप्पर उड़ गया जिससे कच्ची दीवार भी ढह गई। इस हादसे में दीवार के दूसरी ओर गिर जाने से घर में सो रहे लोग बाल-बाल बच गए। वहीं ढिपारा में हैदर मियां की दुकान में लगा टीनशेड उड़ गया। लोहिया गांव घुसवापुर में तुलसीराम के दरवाजे पर लगा ट्रांसफार्मर पोल समेत नीचे आ गिरा। इससे मोहल्ले की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
इसी प्रकार रनवा गांव के समीप बिजली के कई पोल नीचे झुक गए और खंभों के तार भी टूटकर नीचे गिर पड़े। सीतापुरवा गांव में लालाराम के दरवाजे पर लगा बिजली का पोल भी धराशाई हो गया।