छिबरामऊ। तहसील क्षेत्र के ग्राम डडौना परगना सकरावा में वर्षों से लावारिस पड़ी भूमि को राज्य सरकार में निहित किए जाने की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी गई है। एसडीएम द्वारा जारी आदेश में कई गाटा संख्याओं की भूमि को सरकारी अभिलेखों में दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
तहसीलदार अभिनव वर्मा की आख्या के आधार पर एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि ग्राम डडौना की वर्तमान खतौनी 1426-1431 फसली के अवलोकन में कई खातेदारों के नाम दर्ज हैं। इसमें हरिश्चंद्र पुत्र जगमोहन नारायण, सिकंदरमोहन नारायण पुत्र ललित मोहन नारायण, रामनारायण पुत्र रामकिशन, नारायण, जगमोहन तथा अन्य खातेदार शामिल हैं। इन गाटा संख्याओं की भूमि पर पिछले लगभग 40 वर्षों से कोई निवास नहीं कर रहा है।
जांच में यह भी सामने आया कि खातेदारों अथवा उनके उत्तराधिकारियों के संबंध में ग्रामीणों द्वारा कोई जानकारी नहीं दी जा सकी। इसके अलावा उक्त भूमि पर खेती-बाड़ी भी नहीं की जा रही है। तहसील प्रशासन के अनुसार नियमानुसार लंबे समय से अनुपस्थित व्यक्तियों को मृत मानते हुए उनकी भूमि राज्य सरकार में निहित की जा सकती है। तहसीलदार की संस्तुति के बाद मामले में नोटिस जारी किए गए, लेकिन कोई आपत्ति प्राप्त नहीं हुई। इसके बाद एसडीएम ने धारा-115 के तहत कार्रवाई करते हुए संबंधित भूमि को राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी कर दिए।