कन्नौज। दो साल पहले किशोर को झांसा देकर कुकर्म के दोषी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने 10 साल के सश्रम कारावास व 16 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा के अनुसार इंदरगढ़ थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने बताया कि उसका 16 वर्षीय पुत्र कक्षा 12 का छात्र है। वह बोलते समय हकलाता था। दवा लेने के बाद भी बीमारी सही नहीं हुई। बेटा नौ अक्तूबर 2017 को स्कूल से घर लौट रहा था। उसी समय मंसुखपुरवा निवासी राकेश यादव पुत्र राम भरोसे ने उसे सड़क पर रोक लिया। उसे हकलाता देखकर राकेश यादव ने जड़ी-बूटी से ठीक करने की बात कहते हुए 10 अक्तूबर को घर बुलाया। बेटे के घर पहुंचने पर राकेश ने कमरे में बंधक बनाकर कुकर्म किया। घर पहुंचकर उसने परिजनों को सारी बात बताई।
पुलिस ने पिता की तहरीर पर राकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच पड़ताल के बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्ज शीट दाखिल की गई। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश आरबी सरोज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को धारा 377 में 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं धारा 506 में दो साल की कैद व एक हजार जुर्माना व धारा चार पॉक्सो एक्ट में सात साल कैद व 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
आरोप सिद्ध होने पर कोर्ट से भाग गया था आरोपी
13 नवंबर को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश आरबी सरोज की कोर्ट में राकेश यादव की सुनवाई चल रही थी। इसमें उस पर अपराध साबित हो गया। कोर्ट से पुकार होते ही आरोपी राकेश यादव कोर्ट परिसर से भाग गया था। कोर्ट ने पुलिस को आरोपी को जल्द पकड़ने के आदेश दिए थे। सात दिसंबर को आरोपी ने सरेंडर किया था। कोर्ट ने फैसला सुनाने तक जिला जेल भेज दिया था।