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कोरोना संक्रमित रिटायर्ड प्रधानाध्यापक की हालत गंभीर

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कन्नौज। कोरोना संक्रमण के साथ ही दिल की बीमारी से रिटायर्ड प्रधानाध्यापक की हालत गंभीर हो गई है। सैफई मेडिकल कालेज के बाद लखनऊ केजीएमयू से भी उन्हें लौटा दिया गया। केजीएमयू की कार्डियोलॉजी यूनिट के चिकित्सकों ने यह कहते हुए भर्ती नहीं किया कि इनसे वार्ड के दूसरे मरीजों में भी कोरोना संक्रमण फैल सकता है। एक साथ दो बीमारियों का इलाज भी संभव नहीं है। अब तिर्वा मेडिकल कालेज में उपचार चल रहा है।
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छिबरामऊ तहसील क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में रहने वाले 70 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक दो अप्रैल को हार्ट अटैक आने पर आगरा के पारस नर्सिंग होम में भर्ती हुए थे। यहां से छह अप्रैल को डिस्चार्ज होकर लौटे तो कोरोना संक्रमित हो गए।
13 अप्रैल को भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट में सेवानिवृत्त शिक्षक के अलावा इनके दो बेटे और पत्नी भी संक्रमित पाई गईं। चारों को तिर्वा सीएचसी में बने कोविड-19 हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार शाम को सेवानिवृत्त शिक्षक को हार्ट अटैक पड़ गया। इससे हालत और बिगड़ गई। इसके बाद सैफई भेजा गया। यहां कुछ देर अलग वार्ड में रखकर इलाज किया गया। हालत में ज्यादा सुधार नहीं हुआ तो केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया गया। केजीएमयू के कार्डियोलॉजी विभाग में अन्य मरीजों में कोरोना संक्रमण फैलने के अंदेशे से चिकित्सकों ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी एंबुलेंस से तिर्वा मेडिकल कालेज ले आए। यहां चिकित्सकों ने अलग वार्ड में रखकर इलाज शुरू किया है। सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने बताया कि फिलहाल कोरोना संक्रमित मरीज की हालत स्थिर है।
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कमिश्नर से वार्ता के बाद भेजा गया था लखनऊ
कन्नौज। शुक्रवार को तिर्वा में कोविड-19 हास्पिटल का निरीक्षण करने आए कमिश्नर डॉ. सुधीर एम बोबड़े और आईजी मोहित अग्रवाल ने यहां भर्ती मरीजों और व्यवस्थाओं के बारे मे जानकारी ली थी। तब चिकित्सकों ने सेवानिवृत्त शिक्षक के कोरोना संक्रमित होने के साथ ही दिल की बीमारी की भी जानकारी दी थी। इस पर कमिश्नर ने सेवानिवृत्त शिक्षक को लखनऊ केजीएमयू भेजने के लिए कहा था। यहां बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद थी। चिकित्सकों ने लौटा दिया।
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