मोहल्ला ककरैया नईबस्ती में बुखार का प्रकोप फैल गया
है। अब तक कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। इनमें से कई मरीज आगरा और
फर्रुखाबाद में अपना इलाज करा रहे हैं। इसकी भनक लगते ही मंगलवार को
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भ्रमण कर घर-घर जाकर मरीजों की जांच की और बुखार
से पीड़ित कई मरीजों की खून की स्लाइड बनाई।
ककरैया नईबस्ती निवासी
राकेश सिंह की पुत्री वंदना शाक्य पिछले नौ दिनों से बुखार से पीड़ित हैं।
वह सात दिन फर्रुखाबाद में भर्ती रहं। उनके पड़ोसी सुशील कुमार की पुत्री
अंबिका सात दिन से बुखार से पीड़ित है। फौजी महेशचंद्र का बुखार से पीड़ित
पुत्र राजवीर को तीन दिन पहले उपचार को फर्रुखाबाद में भर्ती कराया गया था।
प्रमोद दुबे के पुत्र शिवम को बुखार आने पर उसे परिजन आगरा ले गए।
श्रीकृष्ण शाक्य की पत्नी मैका देवी पांच दिन से बुखार से पीड़ित हैं। उनके
पुत्र प्रमोद कुमार की पत्नी कल्पना भी तीन दिन से बुखार से ग्रस्त हैं।
सूबेदार की बेटी राखी, राजेंद्र की पत्नी अखिलेश कुमारी समेत कई अन्य लोग
पिछले बुखार से ग्रस्त हैं।
उधर, मंगलवार को सीएचसी प्रभारी
चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल मिश्रा ने डॉ. अभिषेक बाजपेई, डॉ. प्रभात कुमार,
स्वास्थ्य पर्यवेक्षक शिवरतन सिंह, फार्मेसिस्ट पुनीत मिश्रा की टीम को
मोहल्ले में भेजा। टीम ने घर-घर जाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर
उन्हें दवाएं वितरित की। इस दौरान बुखार पीड़ित कल्पना का ब्लड सेंपल डेंगू
की जांच को लिया गया।
इसके अलावा पांच अन्य मरीजों की भी खून की स्लाइड
जांच के लिए बनाई गई। डाक्टरों ने सभी मरीजों को बचाव के उपाए और गंदगी से
दूर रहने की सलाह दी। उधर, सीएमओ डॉ. पीएन बाजपेई के निर्देश पर सीएचसी
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल मिश्र ने पालिका ईओ को पत्र लिखकर
मोहल्ले में सफाई व्यवस्था के साथ फागिंग कराने की बात कही है।
मंगलवार
की शाम जब चिकित्साधिकारी पत्र लेकर पालिका पहुंचे तो वहां मौजूद सफाई
निरीक्षक बहोरन सिंह पुष्कर और सफाई लिपिक राजीव दुबे ने कहा कि वह क्षेत्र
नगरपालिका सीमा के अंतर्गत नहीं आता है। ऐसे में जब तक एसडीएम आदेश नहीं
करते, फागिंग कराना मुश्किल होगा।
ज्ञात हो कि पालिका ईओ का पदभार भी
एसडीएम के पास है। उधर, मोहल्ले में सफाई व्यवस्था की हालत बद से बदतर है।
जगह-जगह कूड़ों के ढेर लगे हैं। सफाई नहीं होने से नालियों में कीचड़ बजबजा
रहा है। लोगों ने बताया कि सफाईकर्मी कभी भी नियमित सफाई नहीं करते हैं,
जिससे मोहल्ले के लोगों को गंदगी की समस्या से जूझना पड़ता है।