छिबरामऊ के गांव घिलोई के निकट हादसे में जली बस।
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कन्नौज। छिबरामऊ के घिलोई में बस-ट्रक हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच की जा रही है। लोगों को बयान देने के लिए 20 जनवरी तक समय दिया गया था। अंतिम दिन बयान देने के लिए लोगों में होड़ रही। किसी ने बस मालिक तो किसी ने चालक की गलती बताई। अब तक कुल आठ लोगों ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिए हैं। एडीएम ने जल्द जांच कर जिलाधिकारी को रिपोर्ट देने की बात कही है।
छिबरामऊ के घिलोई में 10 जनवरी को बस हादसा हुआ था। इसमें कई लोगों के मारे जाने की आशंका है। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बस हादसे के बाद अपर जिलाधिकारी गजेंद्र सिंह को 12 जनवरी को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। अपर जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेटी जांच में सहयोग करने के लिए लोगों को 20 जनवरी तक कार्यालय आकर मौखिक व लिखित बयान देने के लिए कहा था।
सोमवार को बयान देने कई लोग पहुंचे। छिबरामऊ के जेरकिला निवासी हसीन बानो पत्नी शफी उल्ला ने बताया कि चालक लापरवाही से बस चला रहा था। घिलोई के प्रधान अवनीश कुमार द्विवेदी ने बताया कि वह हादसे के बाद ग्रामीणों को लेकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से कई लोगों को बस से बाहर निकाला। जयपुर के शागानगर निवासी उर्मिला पत्नी कृपाशंकर राठौर ने बताया कि बस ओवरलोड थी। इसके अलावा जिला कासगंज के गंजडुडवारा निवासी नाजिम पत्नी नसीम, फर्रुखाबाद के कमालगंज उगरापुर निवासी रईस अहमद पुत्र मोहम्मद उमर, यहीं के पुखरा निवासी हरिनंदन पुत्र श्रीराम ने बस मालिक समेत चालक की गलती बताई।
इससे पहले मृतक बस चालक का भाई विमलेश कश्यप व सुनील दुबे बयान दर्ज करवा चुके हैं। अपर जिलाधिकारी ने बताया बिंदुवार जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द ही जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।