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अफसरों की लापरवाही से लखनऊ से लौटाए गए डीएनए सैंपल

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इमरजेंसी से निकलते कोतवाली निरीक्षक शैलेंद्र मिश्रा व अन्य। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। 10 जनवरी को हुए बस हादसे में मृतकों की शिनाख्त अफसरों की लापरवाही से अभी तक लटकी हुई है। गुरुवार को डीएन टेस्ट को छह लोगों के लिए गए खून के नमूनों को लखनऊ की विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने वापस भेज दिया है। कारण रहा कि सैंपल के साथ भेजे गए फार्म में मृतक से सैंपल देने वाले के बीच क्या रिश्ता है, इसे स्पष्ट करने वाला कालम खाली छोड़ दिया गया था। अधिकारी अब फार्म के इस कालम को भी भरकर मंगलवार को फिर इन सैंपलों को लखनऊ भेजने की तैयारी में हैं।
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जिला अस्पताल में गुरुवार शाम छिबरामऊ के जेरकिला निवासी हसीन बानो पत्नी सफीउल्ला (लापता नूरी की मां), कासगंज के गंज डुडवारा निवासी नाजिम वारिसी पुत्र वसीम (लापता तान्या के पिता), फर्रुखाबाद के कमालगंज उगरापुर निवासी रईस अहमद पुत्र मो. उमर (लापता लईक का भाई), नफीस अहमद पुत्र मो. उमर (लापता लईक का भाई), कानपुर नगर के फेथफुलगंज रेल बाजार निवासी शहजहां बेगम पत्नी मो. इरफान (लापता शाहिदा बेगम की मां), तालग्राम के अमोलर निवासी उर्मिला देवी पत्नी कृपाशंकर राठौर (लापता प्रिया की मां) का डीएनए सैंपल जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सतेंद्र शाहू ने लिया था।
प्रत्येक सैंपल के साथ एक फार्म भरा जाना था। इसमें मृतकों अथवा लापता व्यक्ति के नाम, पता आदि के साथ ही सैंपल देने वाले के बारे में जानकारी भी भरी जानी थी। इसी फार्म में रिश्ते का एक कालम भी है। इसे डॉक्टर ने नहीं भरा। फार्म सैंपल के साथ छिबरामऊ पुलिस के सुपुर्द कर दिए। यहां से डीएनए सैंपल और फार्म को जांच अधिकारी रामबदन ने लखनऊ की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में जमा कर दिया। डीएनए जांच से पहले फार्म की जांच की गई तो सभी छह सैंपलों के साथ लगे फार्मों में रिश्ते का कालम छूटा था। इससे प्रयोगशाला से इन सैंपलों और फार्म को वापस भेज दिया गया। फार्म वापस आने पर एसपी ने इस पर नाराजगी जताई। सोमवार को छिबरामऊ कोतवाली के प्रभारी शैलेंद्र मिश्रा जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सक सतेंद्र साहू से मिलकर अधूरे कागजातों को तैयार कराया। सीएमएस डॉ. यूसी मिश्रा ने बताया कि सैंपल लेने के समय फार्म भरने में डॉक्टर से चूक हुई है। इसे अब सुधार लिया गया है।
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एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि डॉक्टर ने पहली बार डीएनए सैंपल लिए थे। जो फार्म भरा जाना था, उसकी जानकारी नहीं थी। इससे चूक हुई। जांच अधिकारी को भी फार्म चेक करना चाहिए था। उन्होंने नहीं किया। यही कारण रहा कि सैंपल वापस आ गए। अब फार्म के छूटे कालम को भरवा लिया गया है। इन्हें मंगलवार को लखनऊ भेजा जाएगा।
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