कन्नौज। आर्थिक तंगी से परेशान युवक ने परिजनों से रुपये वसूल करने के लिए खुद के अपहरण की साजिश रच डाली। गांव के दो दोस्तों के साथ मिलकर फिरौती के तीन लाख रुपये वसूल कर लिए। सर्विलांस पर लगे मोबाइल नंबर से साजिश का भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर फिरौती की रकम बरामद कर ली। बाद में तीनों युवकों के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि सदर कोतवाली के गांव मामाभोले निवासी कामता प्रसाद का बेटा ओमकार आर्थिक तंगी व कर्ज में डूबा था। वह कर्ज में लिए पैसे नहीं चुका पा रहा था। कोई विकल्प न होने से अपने अपहरण की साजिश रच डाली। इसमें गांव के चेतराम व राम प्रकाश को शामिल कर लिया। इन्हें फिरौती की रकम में हिस्सा देने का भरोसा दिया। इस पर यह तैयार हो गए। योजना के तहत पांच मई को ओमकार बाइक से गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होने के बाद ससुराल रसूलपुर( बांगरमऊ )चला गया। यहां से लौटने के बाद दोनों साथियों के सहयोग से बनाई गई योजना के तहत अपहरण की सूचना परिजनों को दी गई। इसकेे बाद भाई ने सदर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजन रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी खोज में लगे हुए थे। इन्हें सफलता नहीं मिली। ओमकार का फोन बंद जा रहा था।
गुमशुुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ओमकार व उसके साथियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा कर खोज में जुट गई। दोनों साथियों ने परिजनों को बताया कि ओमकार का अपहरण हो गया है। बदमाश तीन लाख रुपये फिरौती मांग रहे हैं। ओमकार की बात भी परिजनों से कराई गई। ओमकार ने खुद का अपहरण होने और फिरौती न देने पर जान जाने की बात कही। इस पर परिजनों ने तीन लाख रुपये की व्यवस्था कर 11 मई की रात ओमकार के दोनों सहयोगियों के सुपुर्द कर दिए। इसके बाद पूरी रात ओमकार के परिजन बदमाशों का फोन आने की प्रतीक्षा करते रहे। सुबह तीन बजे फोन आया कि ओमकार शहर के ईदगाह के पीछे है। इस पर पुलिस व परिजन मौके पर पहुंच गए। ओमकार के हाथ व पैर रस्सी से बंधे थे।
पुलिस ने अपहरण की तह तक जाने का प्रयास किया तो ओमकार इधर-उधर की बातें कर घुमाने लगा। इस पर पुलिस को शक हो गया। पुलिस ने फिरौती लेने वाले दोनों लोगों को पकड़ लिया। इसके बाद मामले से परदा उठ गया। एसपी प्रशांत वर्मा ने खुलासा करते हुए बताया कि ओमकार तंगी से जूझ रहा था। इससे उसने साथियों के साथ अपने अपहरण की साजिश रच डाली। मामले की जांच कर रहे एसआई प्रशांत गौतम, सरायमीरा चौकी इंचार्ज कमल भाटी व टीम ने फिरौती के वसूल किए गए रुपये बरामद कर लिए हैं। तीनों को जेल भेज दिया गया।