तिर्वा(कन्नौज)। उमर्दा ब्लाक से दस किलोमीटर की दूरी पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैरनगर बड़े परिसर में बना हुआ है। भवन और संसाधन ठीक हैं। व्यवस्थाएं लचर हैं। इससे स्वास्थ्य केेंद्र के खुद इलाज की जरूरत महसूस की जा रही है। सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी )में ओपीडी चालू करने का आदेश दिया था। यह फरमान सभी जगह लागू नहीं हुआ। इन्हीं में खैरनगर पीएचसी भी है।
सोमवार को कामकाज का दिन था। दोपहर एक बजे यहां गेट पर ताला लटक चुका था। आसपास कुछ लोग मौजूद थे। इनमें मरीज भी थे और तीमारदार भी। पूछने पर पता चला कि पीएचसी तीन-चार दिन से नहीं खुल रही। मरीज आते, लौट जाते हैं। इस पीएचसी पर प्रभारी डॉ. राममिलन सहित चार लोगोें का स्टाफ है। विभाग की ओर से पीएचसी को सुबह दस से दोपहर दो बजे तक खोलने और लोगों को उपचार देने का आदेश है।
यहां मौजूद लोगों ने बताया कि पीएचसी खुलने का न तो कोई समय है और न ही बंद होने का। इससे दूर-दूर से आए लोगों को कई बार मायूस होकर लौट जाना पड़ता है।
साढ़े बारह बजे निकल आया: डॉ. राममिलन
पीएचसी प्रभारी डॉ. राममिलन ताला बंद होने की वजह से नहीं मिल सके। मोबाइल नंबर मिलाने पर दोपहर बाद बात हुई। डॉ. राममिलन ने कहा कि दरअसल आप एक बजे पहुंचे। मैं सुबह से बैठा था। साढ़े बारह बजे निकल आया। हमारे यहां मुझे लेकर चार का स्टाफ है। फार्मासिस्ट प्रसून शुक्ला, वार्ड ब्वॉय शैलेंद्र और एएनएम माया देवी कोरोना संक्रमित हैं। इस वजह से ओपीडी नहीं हो पा रही। स्टाफ से कल से कुछ बंदोबस्त करने के लिए कहा है। मरीजों को सरकारी सुविधा का लाभ मिलना जरूरी है।