फोटो:04: राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में आईसीयू में पड़ा ताला। संवाद
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कन्नौज। मेडिकल कॉलेज के इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) को खुद इलाज की दरकार है। आईसीयू में वेंटीलेटर से लेकर अन्य अत्याधुनिक संसाधन तो उपलब्ध हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के चलते इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। इस कारण गंभीर मरीजों का इलाज यहां नहीं हो पा रहा है। तकरीबन नौ साल में इसमें सिर्फ 10 मरीज ही भर्ती किए जा सके।
राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा में नौ बेड का आईसीयू वर्ष 2013 में तैयार किया गया था। आईसीयू में वेंटीलेटर से लेकर अन्य अत्याधुनिक उपकरण लगे हुए हैं। आईसीयू बनने पर उम्मीद जगी थी कि गंभीर मरीजों को यहां उपचार मिलेगा। खासतौर से दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की जान बच सकेगी, लेकिन इसका लाभ यहां के लोगाें को नहीं मिल पा रहा है।
कारण आईसीयू के लिए डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो है। इस कारण लाखों रुपये के उपकरण बेकार पड़े हैं। आईसीयू बनने से अब तक इसमें महज 10 मरीज ही भर्ती किए गए हैं। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लगभग एक माह तक आईसीयू का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन इसके बाद से फिर यहां की मशीनें धूल फांक रही है।
तालग्राम थाना क्षेत्र के टीला निवासी मोहम्मद तवरेज (20) चार जुलाई को दुर्घटना में घायल हो गया था। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन आईसीयू संचालित न होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मेहंदीपुर निवासी सुभाष (18) 30 जून को दुर्घटना में घायल हो गया था। सिर में गंभीर चोट थी। मेडिकल कॉलेज में आईसीयू संचालित न होने से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीएस मार्तोलिया ने बताया कि चिकित्सकों की कमी के कारण आईसीयू संचालित नहीं हो पा रहा है। संचालन के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। दावा किया कि बहुत जल्द आईसीयू की सुविधा मिलेगी।