तालग्राम। वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत एक से सात जुलाई तक पौधरोपण अभियान चलाकर वन विभाग ने खूब वाहवाही लूटी। जिला प्रशासन ने भी जिले में करीब 22 लाख पौधे रोपने का दावा किया। पर, जमीनी हकीकत कुछ और नजर आ रही है। कागजों में तो पौधे लगाकर आंकड़े पेश कर दिए गए लेकिन हकीकत में यह पॉलिथीन में जहां-तहां फेंक दिए गए। एक बानगी के तौर पर तालग्राम क्षेत्र में सड़क किनारे एक जगह करीब एक सैकड़ा पौधे सड़क किनारे फेंके दिखे। अब वन विभाग के अधिकारी इसकी जांच की बात कह रहे हैं।
तालग्राम क्षेत्र में हजारों बीघे में वन विभाग के जंगल हैं और सैकड़ों बीघा जमीन अभी भी पौधरोपण के लिए पड़ी है। इन जगहों पर वन विभाग ने वन महोत्सव कार्यक्रम के तहत करीब दो लाख 49 हजार पौधे रोपे जाने का दावा किया। लाखों रुपये कीमत के पौधे रोपने की बजाय वन ब्लॉक तेरारब्बू और भवनियापुर मार्ग पर सड़क किनारे फेंक दिए गए हैं। यह पौधे तेज धूप और पानी न मिलने के कारण सूख गए हैं। इसे इलाकाई लोग घोर लापरवाही मान रहे हैं।
पौधे फेंके जाने की जानकारी उन्हें नहीं है। वन ब्लॉक में जिन कर्मचारियों को पौधे रोपने की जिम्मेदारी दी गई थी। उनकी जांच कराई जाएगी, लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद कुमार, वन क्षेत्राधिकारी गुरसहायगंज