तिर्वा। कोरोना संक्रमण के चलते पांच माह बाद आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 11 विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे। जिलाधिकारी ने सभी को गैरहाजिर करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। यहां 52 शिकायतें दर्ज कराई गईं। पांच का निस्तारण हो सका।
कोविड संक्रमण से आम लोगों को बचाने के लिए सरकार ने समाधान दिवसों पर रोक लगा दी थी। अब करीब 150 दिन बाद शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस हुआ। तिर्वा तहसील में डीएम राकेश कुमार मिश्र ने अध्यक्षता की। सबसे पहले अधिकारियों की उपस्थिति चेक की। 11 विभागों के अधिकारियों को न देख नाराज हुए। सभी की गैरहाजिरी लगाते हुए स्पष्टीकरण तलब किया।
यहां मौजूद अधिकारियों से कहा कि निर्धारित समय पर शिकायतों का निस्तारण करें। डीएम ने शिकायतकर्ता जावेरी निवासी अंशुमान कटियार व तिर्वा के मो. भुन्ना के बयान के बाद सरकारी तालाब पर अवैध निर्माण करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने, जगह खाली कराने के निर्देश दिए। अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए कहा। झूलनापुर निवासी कुंवरलाल की शिकायत पर पक्के कुआं को तोड़कर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मौके पर एसपी प्रशांत वर्मा, सीओ दीपक दुबे, तहसीलदार अनिल कुमार सरोज, नायब तहसीलदार मोहित लाल वर्मा, बीडीओ अखिलेश तिवारी, सीएमओ डॉ. विनोद कुमार समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
संपूर्ण समाधान दिवस से यह रहे गैरहाजिर
उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला उद्यान अधिकारी व महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र।
वकीलों ने की एसडीएम तैनात करने की मांग
तहसील में 17 दिन से एसडीएम न होने पर परेशानी का हवाला देते हुए अधिवक्ताओं ने ज्ञापन देकर एसडीएम तैनात करने की मांग की। उन्होंने बताया कि एसडीएम न होने से निवास प्रमाण पत्र नहीं बन रहे। न्यायालय का काम रुका पड़ा है। डीएम ने इन्हें आश्वासन दिया। इस मौके पर देवेंद्र सिंह, संजय सिंह, उत्तम सिंह, परमानंद तिवारी, महोब सिंह, कमलेश पाल आदि मौजूद रहे।
शिकायतकर्ताओं ने बयां की पीड़ा
लिलुइया गांव की कल्पना ने बताया कि उनकी आराजी पर परिवार के लोगों ने कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। कई बार पुलिस से लिखित शिकायत की गई। कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। डालेअजान गांव के श्याम सिंह ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति से प्लाट खरीदा था। निर्माण कराने जाने पर विक्रेता ने विरोध शुरू कर दिया। वह प्लाट नहीं बनाने दे रहा। कई बार पुलिस से शिकायत की। अब तक न्याय नहीं मिल सका।
पांच रहे गैरहाजिर, मांगा स्पष्टीकरण
कन्नौज। तहसील सदर में एसडीएम गौरव शुक्ला की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन हुआ। राजस्व व पुलिस से संबंधित करीब 45 शिकायतें आईं। राजस्व की छह शिकायतों का निस्तारण किया गया। एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि एडीओ पंचायत कन्नौज, जलालाबाद व गुगरापुर, एडीओ पंचायत कृषि कन्नौज व उप प्रभागीय वनाधिकारी गैरहाजिर रहे। इससे स्पष्टीकरण मांगा गया है।