छिबरामऊ/सिकंदरपुर। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक सिकंदरपुर में दैनिक वेतनभोगी शैलेंद्र कुमार शर्मा के घोटाले दिन प्रतिदिन उजागर हो रहे हैं। मैनेजर रोहित कुमार ने सोमवार को दो लाख 81 हजार रुपये के नए मामलों के बारे में जानकारी दी है।
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के एक खातेदार की 21 मई को शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में प्रतिदिन नए घोटाले सामने आ रहे हैं। 2020 में कोरोना काल के समय से शुरू हुए घोटाला धीरे-धीरे खुल रहा है। सोमवार को बैंक खुलते ही खाता धारक अपने-अपने खाता की जांच कराने के लिए लाइन में लगे रहे। बैंक में खाता चेक कराने आईं राजेश्वरी देवी पत्नी रामनरेश का 49 हजार, परमानंद पुत्र नरोत्तम सिंह का 70 हजार, जगदीश पुत्र द्वारिका प्रसाद की 49, 49 हजार की दो, रामरतन पुत्र मिठ्ठूलाल का 80 हजार एवं राजेंद्र प्रसाद पुत्र ज्वाला प्रसाद का 59 हजार पांच सौ रुपये का मामला सामने आया है। किसान क्रेडिट कार्ड का 30 हजार रुपये भी शैलेंद्र ने जमा नहीं किए। जिसकी शिकायत छक्कूलाल पुत्र हरदयाल ने की।
इस संबंध में आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के मैनेजर रोहित कुमार ने बताया कि सोमवार को दो लाख 81 हजार रुपये के मामले आए हैं, जिसमें में कुछ पर्ची वाले हैं और कुछ बिना पर्ची वाले हैं। उन्होंने बताया कि फर्जी सील मोहर व डेट डालकर भी शैलेंद्र ने ग्रामीण क्षेत्र के खाता धारकों के साथ विश्वासघात किया है। लोगों ने उसके घर जाकर बैंक के बाहर भी रुपये जमा करने के लिए दिए थे। जितनी भी शिकायतें आ रहीं हैं उन सभी को क्षेत्रीय कार्यालय प्रतिदिन भेजा जा रहा है, वहां उसकी जांच की जा रही है।
पुलिस की पकड़ से दूर है आरोपी
21 मई को पहली शिकायत आने के बाद से गायब हुए गनेशापुर निवासी ग्रामीण बैंक का दैनिक वेतनभोगी शैलेंद्र शर्मा पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अभी तक पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकी है। कोरोना काल की आपदा में बड़ा अवसर तलाश कर भागने वाले शैलेंद्र शर्मा को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई बार दबिश दी है। सीओ शिव कुमार थापा का कहना है कि शीघ्र ही शैलेंद्र पुलिस की गिरफ्त में होगा।