गुरसहायगंज(कन्नौज)। कस्बे की सीएचसी में 50 बेड का कोविड एल वन अस्पताल शुरू कर दिया गया है। इसमें कोरोना संक्रमित मरीजों को उपचार मिलेगा। सीएमओ ने अस्पताल में व्यवस्थाएं परखी हैं।
गुरसहायगंज कस्बा के तिर्वा रोड स्थित सीएचसी के मैटरनिटी सेंटर को करोना एल वन अस्पताल में बदल लिया गया। कई दिनों से चल रही तैयारी के बाद रविवार से अस्पताल शुरू हो गया। भले ही पहले दिन कोई संक्रमित नहीं पहुंचा। जिले में बढ़ते करोना संक्रमितों को इलाज में हो रही दिक्कत को देखते हुए शासन के निर्देश पर गुरसहायगंज में भी कोविड एल वन अस्पताल को शुरू किया गया है। कोरोना संक्रमण के चलते सीएचसी पूरी तरह से बंद चल रही थी। इसी को देखते हुए सीएमओ डॉ. कृष्ण स्वरूप ने गुरसहायगंज कस्बे की सीएचसी को कोविड अस्पताल के लिए चुना। उनका मानना है कि जिले के बीच में यह सीएचसी पड़ती है। इससे संक्रमित मरीजों को उपचार देने व भर्ती होने में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। तिर्वा रोड सीएचसी में बने मैटरनिटी सेंटर को कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद करोना एल वन अस्पताल में बदल दिया गया है।
तालग्राम सीएचसी प्रभारी डॉक्टर कुमारिल मैत्रै ने बताया है कि यहां अस्पताल 50 बेड का होगा पर अभी अलग-अलग कमरे में 30 बेड तैयार किए गए हैं। यदि कोरोना संक्रमित अधिक भर्ती होते हैं तो बेड की संख्या पूरी कर दी जाएगी। प्रत्येक बेड के लिए ऑक्सीजन लाइन बिछाई गई है। जिनमें 25 ऑक्सीजन सिलिंडर और पांच ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर मशीनें लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि यहां पर एक डॉक्टर, एक स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वाय, दो स्वीपर, एक लैब टेक्नीशियन, एक फार्मासिस्ट की ड्यूटी 24 घंटे के लिए लगाई गई है। यह पैरामेडिकल स्टाफ मरीजों की निगरानी कर उपचार देंगे। करोना मरीजों के लिए दवा ऑक्सीजन और खाने की भी व्यवस्था अस्पताल में निशुल्क रहेगी।