कानून के खिलाफ प्रतियां जलाते शिक्षक संगठन के पदादिकारी। संवाद
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। राज्य शिक्षक सेवा अधिकरण विधेयक के विरोध में शिक्षक महासंघ के पदाधिकारी व सदस्य सदर ब्लाक संसाधन केंद्र पर एकजुट हुए। इसकी भनक लगते ही सदर बीआरसी के बाहर पुलिस व पीएसी बल तैनात हो गया। किसी शिक्षक को बाहर नहीं निकलने दिया गया। बाद में शिक्षकों ने अध्यादेश के विरोध में प्रतियां जलाकर इसका विरोध जताया।
सोमवार को शिक्षक महासंघ के प्रांतीय संगठन के आह्वान पर पदाधिकारियों व सदस्यों को सदर ब्लाक संसाधन केंद्र पर एकजुट होना था। इसके बाद यहां से जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में अध्यादेश की प्रतियां जलानी थी। इसकी भनक लगते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी सतर्क हो गए। उन्होंने सुबह से ही सदर बीआरसी में पुलिस व तीन ट्रक पीएसी तैनात कर दी। धीरे-धीरे शिक्षक महासंघ के पदाधिकारी सदर बीआरसी में एकजुट हुए। बाद उन्होंने जुलूस निकालने के लिए जैसे ही आगे बढ़े पुलिस ने उन्हें रोक दिया। शिक्षकों ने इस पर नाराजगी भी व्यक्त की लेकिन पुलिस बल के आगे उनकी एक न चल सकी। बाद में शिक्षकों ने बीआरसी में बैठक कर विरोध प्रदर्शन किया।
शिक्षक महासंघ के संयोजक श्रीकृष्ण यादव ने कहा कि यह अध्यादेश शिक्षकों के खिलाफ है। संगठन शिक्षा की निजीकरण की मंशा को समझ चुका है। यह अध्यादेश शिक्षकों के लिए काला कानून है। शिक्षक महासंघ इसको किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। महासंघ के जिलाध्यक्ष उदय नारायण सिंह ने कहा कि सरकार की नीति व नियति अन्य सार्वजनिक उपक्रम की तरह शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। इसमें शिक्षकों को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। इसको लेकर शिक्षकों व कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। बाद में प्रतियों को जलाकर सरकार इस राज्य शिक्षा सेवा अधिकरण वापस लेने की मांग की।
इस मौके पर चंद्रलता त्रिपाठी, सुमनलता यादव, राजेश कुमार यादव, डा. महेंद्र कुमार, अरविंद राजपूत, अरविंद दुबे, डा. शिवकुमार सक्सेना, राहुल मिश्र, अभिजीत यादव, कृष्णचंद्र समेत सभी शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।