तालग्राम। रुपये लेन-देने में युवक को क्लीन चिट देने के बाद भी थाने में काफी देर तक बैठाना दरोगा को महंगा पड़ गया। एसपी ने मामले का संज्ञान लेकर दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया।
क्षेत्र के गांव चौखटा गांव निवासी कोटेदार दशरथ ने कायस्थान मोहल्ला निवासी सामवेदी, रामवेदी पुत्र रामप्रकाश को बिजली ठेकेदारी के लिए 2.69 लाख रुपये दिए थे। रुपये वापस न करने पर दिसंबर 2019 दोनों भाईयों के खिलाफ धोखाधड़ी जान से मारने का मुकदमा लिखा गया था। चौकी प्रभारी ने जांच में उस मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगाते हुए दोनों भाइयों को क्लीन चिट दे दी थी। 5 दिसंबर 2020 को कोटेदार दशरथ ने फिर से दोनों भाइयों के खिलाफ तहरीर दी थी। इसके बाद चौकी प्रभारी कस्बा तालग्राम सुदेश कुमार ने शनिवार को समावेदी को घर से बुला कर थाने करीब तीन घंटे तक बैठाए रखा। सामवेदी के परिजनों ने एसपी से इसकी शिकायत की। एसपी प्रशांत वर्मा ने चौकी प्रभारी सुदेश कुमार को लाइन हाजिर कर दिया। बताया कि जब किसी मामले में फाइनल रिपोर्ट लग गई है, तो फिर उसे थाने लाकर बैठाने का मतलब नहीं बनता है। इस कारण कार्रवाई की गई हैं।