छिबरामऊ(कन्नौज)। सिकंदरपुर क्षेत्र के ग्राम चिलमिलैया में पानी भरने के दौरान हुई कहासुनी के बाद बेटियों के सामने उसके पिता की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई। पिता को बचाने पहुंची दो बेटियां भी घायल हैं। उन्हें सौ शय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बेटे की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
शुक्रवार की रात सिकंदरपुर क्षेत्र के ग्राम चिलमिलैया निवासी रनवीर सिंह (56) की बेटी माधुरी घर के बाहर लगे हैंडपंप पर पानी भरने गई थी। वहां पर गांव के श्यामबाबू उर्फ पतन्ने से उसकी कहासुनी हो गई। नाराज होकर रामदास, इंद्रेश, ब्रजेश पुत्रगण फकीरेलाल, श्यामबाबू उर्फ पतन्ने, देव उर्फ नंदराम पुत्रगण रामदास कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे लेकर उसके घर पहुंच गए। माधुरी के साथ मारपीट शुरू कर दी। माधुरी के भाई राकेश कुमार ने बताया कि शोरगुल सुनकर उसके पिता रनवीर सिंह व बहन मंजू मौके पर आ पहुंची तो श्यामबाबू ने कुल्हाड़ी से उसके पिता की गर्दन पर वार कर दिया। बहन मंजू व माधुरी उन्हें बचाने के लिए गई तो उन पर भी हमला किया। दोनों घायल होकर वहीं गिर पड़ीं। हमले में घायल उसके पिता ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घायल मंजू व माधुरी को उपचार के लिए सौ शय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, सीओ शिव कुमार थापा, निरीक्षक हरीशंकर व चौकी इंचार्ज अजब सिंह मौके पर पहुंचे। राकेश कुमार ने बताया कि सरकारी नल पर पानी भरने को लेकर आरोपी पक्ष से उसका विवाद चल रहा था। 23 जुलाई को आरोपी लोगों ने उसकी बहन के साथ मारपीट की थी, 25 जुलाई को जिसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। इसी के चलते आरोपी उसके परिवार से रंजिश मानने लगे। पुलिस ने राकेश कुमार की तहरीर पर रामदास, इंद्रेश, ब्रजेश, श्यामबाबू उर्फ पतन्ने, देव उर्फ नंदराम के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, बलवा व मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी श्यामबाबू उर्फ पतन्ने को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद की। सीओ शिव कुमार थापा ने बताया कि भागे हुए आरोपियों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं, शीघ्र ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इनसेट.... 16सीएचबीपी73: जानकारी देता राकेश कुमार।
पुलिस ने की होती कार्रवाई तो जिंदा होते पिता
राकेश ने बताया कि उसके पिता की हत्या की जिम्मेदार पुलिस है। 23 जुलाई को जब आरोपियों ने उसकी बहन के साथ मारपीट, बदसलूकी की थी तो उन्होंने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बीस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। आरोपी उसके परिवार से रंजिश मानने लगे और लगातार समझौते का दबाव बना रहे थे। पुलिस की लचर कार्यप्रणाली के चलते ही उक्त लोगों की हिम्मत इतनी बढ़ गई कि उसके पिता को कुल्हाड़ी से काटकर मौत के घाट उतार दिया।
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वारदात के बाद गांव में पसरा सन्नाटा
रनवीर सिंह की हत्या के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया। हर किसी की जुबां पर केवल इसी हत्याकांड के चर्चे थे। वारदात के बाद पुलिस ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस की बढ़ी हुई चहलकदमी से ग्रामीण सहमे नजर आए। गांव की गलियों में सन्नाटा दिखाई दिया। इस हत्याकांड पर कोई भी ग्रामीण कुछ भी बोलने से बचता हुआ नजर आ रहा था।