कन्नौज। गांव लौटे प्रवासियों को खुले में शौच नहीं जाना पड़ेगा। अब हर ग्राम पंचायत में दो-दो सामुदायिक शौचालय बनवाए जाएंगे। एक तो प्रधानों से ही उनके घरों में शौचालय बनवाने के लिए कहा गया है। इसके निर्माण पर राजवित्त व 14 वें वित्त से धनराशि खर्च की जाएगी। शौचालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत के तहत गांव-गांव अभियान चलाकर इज्जतघर (शौचालयों) का निर्माण कराया गया था। इसमें जो छूटे परिवार थे उनके भी शौचालय बनवाए गए। लापरवाही करने वाले प्रधानों को नोटिस भी दिया गया। गांवों में रहने वाले परिवारों के तो शौचालय बन गए हैं। बाहर कमाने गए लोग लॉकडाउन की वजह से घरों में लौट आए हैं। शौचालय न होने से उन्हें और उनके परिवारों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है। साथ ही कई बुजुर्ग हैं जोकि घरों के शौचालयों में जाना नहीं चाहते हैं। प्रवासियों व अन्य जनसमुदाय को ध्यान में रखते हुए सामुदायिक शौचालयों को निर्माण करवाया जाएगा। जिला पंचायत राज अधिकारी जितेेंद्र मिश्रा बताया कि ग्राम पंचायत अपनी निधि से एक शौचालय का निर्माण कराएगी, जोकि कम से कम दो लाख रुपये का होगा, अगर पंचायत गांव में मॉडल या आधुनिक शौचालय का निर्माण कराना चाहती है तो उसका स्टीमेट तैयार करेंगी। धनराशि की सीमा नहीं है। कितना भी अच्छा और मॉडल बनाया जा सकता है, जबकि दूसरे शौचालय का निर्माण लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा से कराया जाएगा। इसके लिए अभी दो लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। जिले की सभी 504 ग्राम पंचायतों में दो दो शौचालयों का निर्माण कराने के लिए ग्राम पंचायतों से भूमि का प्रस्ताव मांगा जा रहा है। भूमि चयन होते ही निर्माण भी शुरू करा दिया जाएगा।
शहर की तर्ज पर गांव में भी मॉडल शौचालय बनवाने पर विचार चल रहा है। ग्राम पंचायतों में दो दो शौचालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दिशा-निर्देश जारी हो चुके हैं। प्रधानों को चाहिए कि वह गांवों में अच्छा सामुदायिक शौचालय बनवाएं, जिसका अधिक से अधिक लोग प्रयोग करें। कोई भी खुले में शौच न जाए। साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखें।