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285 स्कूल वाहनों को नोटिस जारी, मचा हड़कंप

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कन्नौज। स्कूल संचालक वाहनों के किराये के नाम मोटी रकम वसूल करते हैं, लेकिन जिन वाहनों में बच्चों को भेजा जाता है, वे जान के लिए खतरा बने हैं। उप संभागीय परिवहन कार्यालय में पंजीकृत स्कूली वाहनों में 285 को नोटिस जारी किया है। इन सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस व अन्य कमियां तीन दिन में दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने निर्धारित समय में वाहनों की जांच नहीं कराने वाले स्कूल संचालकों और प्रधानाचार्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं।
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जिले के कई स्कूलों के वाहन खटारा हैं तो कई वैन से बच्चों को लाने ले जाने का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे विद्यालयों के आंकड़े एआरटीओ कार्यालय में भी नहीं हैं। आंकड़ों के मुताबिक जिले में विभिन्न स्कूलों में 300 से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इसमें से 193 मिनी बस, मैजिक, टेंपो, मैजिक, ऑटो और 92 बस फिट नहीं हैं, यानी ये वाहन मानकों के विपरीत चल रहे हैं। एआरटीओ संजय कुमार झा ने बताया कि सभी को नोटिस जारी किया जा चुका है।
- वाहन स्वामियों को जेल भेजा जाएगा
जनपद में कई स्कूल संचालक घरेलू गैस से चलने वाली वैन का भी इस्तेमाल करते हैं। उनमें न तो स्कूल का नाम लिखा होता है और न ही सुरक्षा के इंतजाम होते हैं। डीएम राकेश मिश्र के आदेश पर ऐसे वाहनों के रजिस्ट्रेशन निरस्त करके वाहन स्वामियों को जेल भेजने का काम किया जाएगा।
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अवैध रूप से संचालित वाहनों पर करें कार्रवाई
जिलाधिकारी राकेश कुमार मिश्रा ने अवैध रूप से चल रहे वाहनों पर नकेल कसने की एआरटीओ को सख्त हिदायत दी है। डीएम ने कहा कि बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी।
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इन बिंदुओं का रखना होगा ध्यान
- वाहन का चालक कुशल होना चाहिए।
- बच्चों को बस पर चढ़ाने और उतारने के लिए परिचालक होना अनिवार्य रहेगा।
- सभी वाहनों का फिटनेस होना अनिवार्य है।
- फर्स्टएड की सुविधा होनी चाहिए।
- वाहन पर स्कूल संचालक का मोबाइल नंबर होना चाहिए।
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