तिर्वा (कन्नौज)। विधवा भाभी के शादी से इन्कार करने पर शराब के नशे में देवर ने ईंट से कूंचकर उसे मौत के घाट उतार दिया। घर के आंगन में शव को छोड़कर देवर छत के रास्ते फरार हो गया। महिला के बेटे ने चाचा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कस्बे के अन्नपूर्णानगर में रहने वाली आशा देवी (58) के पति विजय बाथम ने करीब 15 साल पूर्व फांसी लगा ली थाी। इसके बाद से आशा देवी अपने बच्चों के साथ घर में रहती थी। पड़ोस में ही उसका अविवाहित देवर अजय कुमार (42) रहता था। बीते कुछ दिनों से अजय कुमार विधवा भाभी आशा देवी के साथ शादी करने की जिद कर रहा था। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे शराब के नशे में भाभी को अकेला देखकर अजय घर में घुस गया और शादी का दबाव बनाने लगा। इस पर आशा देवी ने उसे फटकार दिया। इससे आक्रोशित होकर अजय ने घर का दरवाजा बंद कर आंगन में ईंट से कूंचकर भाभी आशा देवी की हत्या कर दी। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे बच्चों और पड़ोसियों ने जब दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया तो अजय छत से भाग गया।
छत से पहुंचे बड़े बेटे सनी, अनूप और बेटी शिवानी ने जब खून से लथपथ मां का शव देखा तो होश उड़ गए। सनी ने कोतवाली में चाचा अजय बाथम के खिलाफ मां की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। बेटी शिवानी ने बताया कि चाचा मां से शादी करने का दबाव बनाते थे। मां ने कई बार पड़ोसियों से शिकायत की थी। मां के मना करने पर चाचा ने उनकी हत्या कर दी। कोतवाल नरेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। जल्द उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।