कन्नौज। विधानसभा चुनाव से पहले 16 फरवरी को जब सपा मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तिर्वा में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा करने आए थे तो उन्होंने मंच से ही ऐ पुलिस, ऐ पुलिस... कहकर कई सवाल खड़े कर दिए थे। राजनीतिक विशेषज्ञों ने भी इस पर ऐतराज जताया था। भाषा-शैली को लेकर यह कहा जाने लगा था कि अभी तो मतदान भी नहीं हुआ है, तब ऐसा हाल है, जब चुनाव जीत जाएंगे तो आगे क्या हाल होगा। इसको लेकर सपा को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
दरअसल, तिर्वा कस्बे के मां अन्नपूर्णा देवी मंदिर परिसर में सपा मुखिया अखिलेश यादव 16 फरवरी को कन्नौज व तिर्वा विधानसभा सीट के पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभा करने आए थे। जब उनका भाषण समापन की ओर था तो मौजूद भीड़ और कार्यकर्ता दौड़कर सुरक्षा डी के अंदर घुसने लगे थे। वहां तैनात पुलिस व पीएसी कर्मियों ने जब रोका तो मंच से ही अखिलेश भड़क गए थे। उन्होंने माइक से ही इस पर ऐतराज जताया और कहा, ऐ पुलिस, ऐ पुलिस...। यह सुनने के बाद पुलिस रुक गई थी और कार्यकर्ता मंच व बल्लियों तक पहुंच गए थे। इसके बाद बुद्धिजीवियों का तर्क था कि मंच से बड़े नेता को ऐसा नहीं कहना चाहिए था। पुलिस तो सुरक्षा में तैनात थी, अगर कोई अनहोनी हो जाती तब भी पुलिस पर बड़े आरोप लगते। अनुशासन बनाने और भीड़ को कंट्रोल करने के लिए ही पुलिस आगे बढ़ी थी। सपा मुखिया को ऐसा नहीं कहना चाहिए था। यह संदेश कन्नौज जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में फैल गया था।