कन्नौज। रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से इत्र कारोबार लड़खड़ा गया है। बीते सात दिनों में इत्र से जुड़े कारोबार को करीब 100 करोड़ का बड़ा झटका लगा है। संभावित विषम परिस्थितियों को देखते हुए रूस और यूक्रेन ही नहीं बल्कि यूरोपीय देशों, अमेरिका और चाइना तक ने इत्र के प्रयोग वाले सब्जी मसाले, खाद्य पदार्थ, पान मसाला, गुटका, स्पा, मसाच बॉडी ऑयल सहित सभी प्रकार के सुगंधित ऑयल के आर्डर रद्द कर दिए हैं। इसके अलावा युद्ध के पहले जो आर्डर जा चुके हैं, उनका बकाया मिलना संभव नहीं हो पा रहा है। कन्नौज को इत्र नगरी के रूप में जाना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में गुलाब, गेंदा, चमेली, रात की रानी और बेला सहित कई प्रकार के फूलों से इत्र बनाकर दिल्ली और मुंबई को भेजा जाता है। यह इत्र देश के बड़े- बड़े कारोबारी अपने अपने प्रोडक्ट में लोगों के स्वाद के अनुसार मिलाकर उसे लजीज बनाते हैं। खासतौर विशेष प्रकार की सुगंध वाले मसाले और ऑयल की डिमांड यूरोपीय देशों में अधिक है। मगर रूस और यूक्रेन के बीच जिस प्रकार से युद्ध चल रहा है, उसे देखते हुए ज्यादातर देशों ने आर्डर कैंसल कर दिए हैं। इसका असर भी खाद्य तेलों पर दिखने लगा है।
एसोसिएशन ऑयल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट योगेश दुबे का कहना है कि इत्र का मतलब केवल परफ्यूम ही नहीं है। आज के दौर में इत्र का इस्तेमाल ज्यादातर खाने पीने के सामानों के साथ जायकेदार सभी प्रकार के मसालों अलावा तमाम प्रकार के ऑयल में भी होता है। रूस-यूक्रेन के ताजा हालातों को देखते हुए विश्व के ज्यादातर देशों ने आर्डर कैंसल कर दिए हैं। इससे अब तक करीब 100 करोड़ के कारोबार का नुकसान हो चुका है।
व्यापारियों को बड़ा नुकसान हो रहा
द इतर एंड परफ्यूमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पवन त्रिवेदी का कहना है कि कोरोना के बाद रूस और यूक्रेन में युद्ध के हालातों ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। आर्डर कैंसल होने के चलते इत्र की डिमांड भी अब कम होने लगी है। अगर हालात यही रहे तो व्यापार की कोरोना के समय से बुरी हालत हो जाएगी।