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रोमानियां के घरों में मिली भारतीय छात्रों को शरण, यूक्रेन में छात्रों से हो रहा खराब बर्ताव

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kannauj,kannauj news - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। यूक्रेन सरकार भारतीय छात्रों को वहां से निकालने में सहयोग नहीं कर रही है। एमबीबीएस कर रहे छात्रों बार्डर जाने नहीं दिया जा रहा है, तो कहीं उनसे ट्रैवलिंग में मनमाना रुपया वसूला जा रहा है। हालात यह हैं कि किसी तरह रोमानिया या फिर पोलैंड बार्डर पर पहुंचकर छात्र वहां के लोगों के घरों में पनाह ले रहे हैं।
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गुरसहायगंज कस्बे के मोहल्ला रामकृष्ण नगर निवासी अमित श्रीवास्तव की पुत्री ईशा श्रीवास्तव को आखिर में यूक्रेन से बाहर निकलने में सफलता हासिल हो गई। वहीं एक अन्य छात्र भी अभी यूक्रेन के बार्डर वाले इलाके में फंसा हुआ है। जिसे भी निकालने के प्रयास जारी हैं।
अमित श्रीवास्तव ने बताया कि युद्ध के बाद यूक्रेन से बाहर निकलने के लिए वहां पढ़ने के छात्र-छात्राओं में होड़ मच गई थी और काफी भारी संख्या में रोमानिया और पोलैंड के बॉर्डर की ओर चले गए थे। पुत्री ईशा श्रीवास्तव भी रोमानिया के बॉर्डर पहुंची, जहां कैपिटल बुकारेप नामक स्थान पर एक परिवार में उसे शरण मिली है। परिवार के साथ पुत्री ने अपनी फोटो भी शेयर की है। अमित के मुताबिक ईशा पूरी तरीके से सुरक्षित है और जल्द ही उसके भारत लौटने की उम्मीद है।
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