कन्नौज /तालग्राम। हर बार की तरह इस बार भी लोकतंत्र के महापर्व के महायज्ञ में कई लोग अपने वोट की आहुति डालने से वंचित रह गए। कोई पुराना वोटर कार्ड होने के चलते वंचित रहा, तो किसी का नाम वोटर लिस्ट से गायब था। कुछ लोगों के नाम वोटर लिस्ट और वोटर कार्ड में असमान मिले तो बैरंग लौटना पड़ा। कई ने अधिकारियों से बहस कर गुस्सा जाहिर किया।
हर बार चुनाव से पहले बीएलओ घर-घर जाकर लोगों का छूटा हुआ वोट दोबारा बनवाते हैं। इसमें नाम बदलवाने से लेकर नाम कटवाने और जुड़वाने का काम भी रहता है। अंतिम सूची जारी होने से पहले अंतरिम सूची का प्रकाशन भी होता है। इसके बावजूद वोटर लिस्ट से हर बार वोटरों के नाम गायब हो जाते हैं। रविवार को तालग्राम अमोलर, नैपालपुर, अकरमाबाद, भवानीसराय में सुबह से ही ऐसे मामले सामने आए। जिसमें वोटर किसी न किसी कारण से अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाए।
मृतक के नाम सूची में, परिवार के सदस्यों के गायब
कहीं परिवार के आठ लोगों में से तीन के नाम वोटर लिस्ट से गायब थे। कहीं पर पूरा परिवार ही वोटर लिस्ट में नहीं था। तालग्राम बूथ 377 पर बीएलओ कीर्ति ने बताया कि कुछ मृतक के नाम भी वोटर सूची में हैं, कुछ के परिवार के सदस्यों के नाम गायब हैं।
पुराने वोटर कार्ड पर नहीं डाल पाए वोट
नैपालपुर बूथ संख्या 403 पर कुछ लोग वोट डालने आए। पोलिंग पार्टी ने जब उनसे पहचान पत्र मांगा तो उन्होंने पुराना पहचान पत्र दिखाया। इस पर मतदान अधिकारी का कहना था कि वोटर लिस्ट 2022 की बनी हुई है। पुराने वोटर कार्ड पर वोट नहीं डाल सकते। इसपर वोटर ने अपने अन्य दस्तावेज और वोटर लिस्ट में अपने नाम की पर्ची भी दिखाई लेकिन अधिकारियों ने नया वोटर कार्ड लाने की बात कही। इस पर मजबूरी में वोटर को लौटना पड़ा। बाद में दूसरे विकल्प से वोट डाला। नैपालपुर की मिथलेश ने बताया कि पूरानी वोटर आईडी से वोट नहीं पड़ सका है।
फोन में आधार नहीं देखा, लौटाया
ताहपुर एक केंद्र पर एक युवा वोट डालने के लिए पहुंचा। यहां भी हर केंद्र की तरह वोटर आईडी के साथ ही वोटरों से आधार कार्ड मांगा जा रहा था। युवा बबलू ने मोबाइल फोन पर आधार कार्ड दिखाया। मतदान अधिकारी ने उन्हें ओरिजनल आधार कार्ड देखने के ही निर्देश दिए हुए हैं। युवा को दोबारा घर जाकर आधार लाना पड़ा, इसके बाद अपना वोट डाला।