वोट देने के बाद जानकारी देते परवेज और बबलू।
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तालग्राम। कस्बे में मां की मौत के बाद जिम्मेदार मतदाता भाइयों ने अंतिम संस्कार के पहले बूथ पर पहुंच कर मतदान किया। इसके बाद मां को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। शायद लोकतंत्र के सच्चे रक्षक यहीं हैं, इन्हीं से देश मजबूत हो रहा है।
लोकतंत्र के महापर्व को लेकर जो लोग सजग नहीं हैं, उनके लिए यह खबर किसी प्रेरणा से कम नहीं है। कस्बा मोहल्ला टीला निवासी परवेज की मां मुन्नी बेगम (80) की रविवार भोर मौत हो गई। पूरा परिवार गम में डूब गया। इसके बाद भी परवेज ने भाई बबलू के साथ पहले लोकतंत्र को मजबूत करने का फर्ज निभाया। दोनों भाइयों ने कस्बे के बूथ संख्या 373 पर पहुंच कर मतदान किया। इसके बाद अपनी मां के शव कब्रिस्तान में दफन किया। परवेज का यह कदम कस्बे और आस पास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय हुआ है। परवेज ने बताया कि उन्होंने मां की मौत का गम भूल लोकतंत्र के पर्व की खुशी मनाते हुए मताधिकार का प्रयोग किया है। उनका एक वोट देश का भविष्य तय करेगा।