इस गोलीकांड में गांव के रक्षपाल, अवधेश व गुटकन घायल हुए थे। इसी साल उसने कुशलपुर गांव के अरविंद की हत्या कर दी। बाद में उसकी किशनी थाना क्षेत्र के उड़ैलापुर गांव में पुलिस से मुठभेड़ हुई, जिसमें रायफलें पुलिस को वापस मिल गईं जबकि मुनुआ फरार ही रहा।
वर्ष 2002 में मुनुआ ने भाई अनिल की हत्या का बदला शिक्षक रामप्रकाश की हत्या करके लिया था। इसके बाद वर्ष 2003 में उसे मथुरा की पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार कर लिया। जेल से छूटने के बाद जब वह गांव आता तो गैंग साथ लाता।
500 मतों से जीतकर पत्नी को बनाया था प्रधान
वर्ष 2014 में जेल से छूटकर हिस्ट्रीशीटर अशोक यादव उर्फ मुनुआ ने पत्नी श्यामा देवी को प्रधानी का चुनाव लड़ाने की योजना बनाई। धरनीधरपुर नगरिया गांव में दीनपुर, कमलपुर, नगरिया व धीरपुर गांव भी लगते हैं। हालांकि वह घर पर नहीं रहता था। वर्ष 2015 में पत्नी श्यामा देवी ने प्रतिद्वंदी को 500 से अधिक वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। हालांकि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में पत्नी फिर से प्रधान पद पर चुनाव लड़ी लेकिन वह 59 वोट से प्रतिद्वंदी गौरव यादव से हार गई थी।