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Kannauj News: काली नदी में उफनाई, 22 गांवों के 2,500 किसान प्रभावित

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फोटो:34: महादेवी घाट पर गंगा में आई बाढ़ का नजारा। संवाद
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फोटो :35 गुमटिया गांव के पास सड़क पर भरा काली नदी का पानी। संवाद


-काली के किनारे 700 एकड़ खेत डूबे, सड़क पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित
-नरौरा बांध में फ्लशिंग के बाद भी गंगा का घट रहा जलस्तर, काली नदी में लगातार बढ़ रहा पानी

संवाद न्यूज एजेंसी
कन्नौज। नरौरा बांध में फ्लशिंग के बाद भी गंगा का जलस्तर लगातार शनिवार को भी कम हुआ है। इसके विपरीत काली नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। काली नदी के किनारे बसे 22 गांवों के 2,500 किसान प्रभावित हैं। इन किसानों की नदी के किनारे 700 एकड़ खेत डूब गए हैं, जिनमें सब्जियों की फसल खड़ी है। चौराचांदपुर में तो अमरूद का बाग ही डूब गया है। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो रहा है।
महादेवी घाट पर चार दिन से गंगा का जलस्तर कम हो रहा है पर काली नदी उफान पर है। बाढ़ प्रभावित कई गांव जलमग्न हैं। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फसलें डूब गई हैं। सब्जी की खेती करने वाले किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। खतरे के निशान पर पहुंचा जलस्तर धीरे धीरे कम हो रहा है जबकि नरौरा बांध से जलस्तर बढ़ने की चेतावनी दी गई थी। शनिवार को जलस्तर घटकर 125.600 मीटर हो गया। चार दिन में 29 सेंटीमीटर जलस्तर घट गया है।
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काली नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्राें में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। काली नदी के किनारे बसे गांव मेंहदीपुर,चौराचांदपुर, कासिमपुर, बक्सीपुर्वा, गंगूपुर्वा, दाईपुर, कटरी गंगपुर, महमूदपुर बीजा, गुमटिया, महमूदपुर वीजा, सलेमपुर तारा बांगर, चौधरियापुर बांगर आदि गांवों के खेत व सड़कें जलमग्न हैं। खेतों में पानी भरने से फसलें चौपट हो गई हैं। जलभराव के कारण मकानों की नींव खिसकने लगी हैं। प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बचाव एवं राहत के लिए गंगा व काली नदी के तलहटी क्षेत्रों में कई टीमें तैनात की गई हैं। ग्रामीणों को ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर बने कैंपों में पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ के चलते चौधरियापुर बांगर से मेहंदीपुर जाने वाली सड़क पर पानी भर गया है और वहां नाव चल रही है। अपर जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह का कहना है कि काली नदी में बाढ़ है। गंगा का जलस्तर घट रहा है। बाढ़ से जो फसल प्रभावित हुई है, उसका सर्वे कराया जा रहा है। प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पर नजर रखे हुए है। आवश्यक खाद्य सामग्री व दवाइयां प्रभावितों को वितरित की जा रही है। कटरी के निचले इलाकों से ग्रामीणों को राहत कैंप व ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
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गंगा का पानी काली नदी में हो रहा डायवर्ट
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सूर्यमणि सिंह ने बताया कि जिले की भौगोलिक स्थिति के अनुसार गंगा बेसिन ऊंचाई पर है जबकि काली नदी बेसिन नीचाई पर है। गंगा में जब पानी कम होता है तो काली नदी का पानी पास हो जाता है। वहीं गंगा में जब बाढ़ आती है तो उसका पानी काली नदी में जाने लगता है। पानी डायवर्ट होने से काली नदी की धार पूरब दिशा से पश्चिम की ओर बहने लगती है। इससे काली के तटवर्ती गांवों में पानी घुसने लगता है। उन्होंने बताया कि 30 अगस्त तक गंगा और काली नदी का जलस्तर काफी कम हो जाएगा।
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