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जेपीएस के मुकुंद ने किया जिला टॉप

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मुकुंद पचौरी - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन(सीबीएसई) ने शुक्रवार को 10वीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। इस बार लड़कियों की बजाय लड़कों ने बाजी मारी है। जेपीएस के मुकुंद पचौरी ने 98.2 प्रतिशत अंक पाकर जिला टॉप किया। सेंट जेवियर्स स्कूल के उदय राजपूत 98 प्रतिशत अंक लेकर दूसरे स्थान पर रहे।
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सीबीएसई का परीक्षा परिणाम मंगलवार को दोपहर 12 बजे घोषित कर दिया गया। नेट की दिक्कत के चलते स्कूलों को रिजल्ट अपलोड करने में दिक्कत हुई। जेपीएस की शैली सिंह 97.80 प्रतिशत अंक पाकर तीसरे और सेंट जेवियर्स के अभिषेक राजपूत 97.40 प्रतिशत अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। आशा पब्लिक स्कूल सलेमपुर की वैष्णवी मिश्रा भी 97.40 प्रतिशत अंक पाकर चौथे स्थान पर रहीं। जेपीएस, सेंट जेवियर्स, कानपुर पब्लिक स्कूल, आशा पब्लिक स्कूल और कन्नौज पब्लिक स्कूल का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। रिजल्ट देख बच्चों, अभिभावकों व स्कूल स्टाफ में खुशी की लहर दौड़ उठी। परिजनों को शुभ चिंतक मोबाइल व घर पर आकर बधाई देने लगे। परिजनों ने मिठाई खिलाकर खुशियां जाहिर कीं।
कोरोना काल को देखते हुए बोर्ड ने इस साल 10वीं का रिजल्ट तीन परीक्षाओं के अधिकतम अंक 80 की बजाय 30, 50 या 70 रखा। ऐसे में अंकों की गणना अनुपात के आधार पर रिजल्ट बनाया गया। अगर किसी छात्र के स्कूल परीक्षा में यूनिट टेस्ट, मिड टर्म और प्री बोर्ड में 30 में से 25 अंक आए हैं तो उस छात्र का बोर्ड परीक्षा में 80 में 75 अंक के फॉर्मूले पर रिजल्ट बनाया गया। अगर किसी स्कूल में अधिकतम 50 अंक पर स्कूल परीक्षा हुई है तो ऐसे छात्र को 80 में 65 अंक बोर्ड परीक्षा में दिए गए। नंबर से संतुष्ट न होने वाले छात्र संबंधित विषय में पूरक परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह परीक्षा 15 अगस्त से 15 सितंबर के बीच होगी।
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डॉक्टर बनकर सेवा करना चाहते मुकुंदी
जेपीएस कालेज में 98.2 प्रतिशत नंबर पाकर प्रथम रहे मुकुंद ने बताया कि स्कूल की पढ़ाई में सीधे टीचर से जुड़ते हैं। कोई भी समस्या वहीं हल हो जाती है। ऑनलाइन में नेटवर्क की सबसे अधिक समस्या होती है। ऑनलाइन पढ़ाई में किसी समस्या को हल करने में बहुत दिक्कत होती है। प्री-बोर्ड में 99 प्रतिशत नंबर मिले थे। परीक्षा होती तो इससे बेहतर नंबर मिलते। मुकुंद डॉक्टर बनकर देशवासियों की सेवा करेंगे। इसके लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी है।
सिविल सर्विसेज में जाना चाहते उदय
सेंट जेवियर्स कालेज में 98 प्रतिशत नंबर पाकर प्रथम रहे उदय ने बताया कि ग्रेडिंग सिस्टम से पढ़ाई का सही तरह से मूल्यांकन नहीं हो पाता है। परीक्षा देने से समय मिल जाता है। अपना मूल्यांकन भी हो जाता है। ऑनलाइन में पढ़ाई में किसी विषय पर कांसेप्ट क्लियर नहीं हो पाता है। ऑफलाइन में टीचर के सामने सारे कांसेप्ट क्लियर हो जाता है। सिविल सर्विसेज की तैयारी कर प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य है।
ग्रेडिंग में मूल्यांकन करना संभव नहीं: शैली सिंह
जेपीएस कालेज में 97.80 प्रतिशत नंबर पाकर तीसरे स्थान पर रहीं शैली ने बताया कि ऑनलाइन में नेटवर्क की सबसे अधिक समस्या होती है। ऑनलाइन पढ़ाई में किसी समस्या को हल करने में बहुत दिक्कत होती है। स्कूल में परीक्षा देने से पढ़ाई का पूरा मूल्यांकन हो जाता है। ग्रेडिंग में मूल्यांकन करना संभव नहीं है। शैली इंजीनियरिंग कर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर देश सेवा करनी चाह रही हैं।
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