मानीमऊ में एक प्लाट में टैंकर से चोरी होता डामर।
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मथुरा रिफाइनरी से प्रदेश के जनपदों में जाने वाले सरकारी डामर की चोरी का जिले में खुलेआम खेल हो रहा है। मथुरा में रहने वाले डामर माफिया गुरसहायगंज, छिबरामऊ और मानीमऊ में किराये पर जमीन लेकर टैंकरों से डामर की चोरी करवा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार डामर माफिया रोजाना टैंकर चालकों से सस्ते दामों में चोरी का डामर खरीदकर 15 लाख तक का बेचते हैं। सत्ताधारियों से लेकर पुलिस अधिकारियों तक डामर माफिया की पहुंच है। पुलिस और जीएसटी अधिकारियों तक माहवारी पहुंचती है।
सड़क निर्माण में प्रयोग होने वाले डामर को चोरी से खरीद कर बेचने का कारोबार चल रहा है। मथुरा रिफाइनरी से चलकर गैर जनपदों में डामर ले जाने वाले टैंकरों के चालकों को पैसा देकर बड़े पैमाने पर डामर चोरी करने वाले मथुरा के तीन गैंग सक्रिय हैं। सूत्रों के मुताबिक जिला मुख्यालय पर मानीमऊ में एक खाली पड़े प्लाट पर टैंकरों को ले जाकर डामर चोरी किया जाता है। एक गैंग गुरसहायगंज में बाईपास पर टैंकरों से तारकोल चोरी करता है। इसके अलावा एक गैंग छिबरामऊ में जीटी रोड किनारे एक प्लाट पर होटल संचालक की मदद से डामर चोरी करता है। सूत्रों के अनुसार डामर माफिया चालकों से 20-25 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदकर इसे ठेकेदारों को 45 रुपये तक में बेचते हैं। जीएसटी के अधिकारियों से लेकर पुलिस अधिकारियों और चौकी प्रभारियों को माफिया मोटी रकम देते हैं। एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी ने बताया कि पुलिस टीमों का गठन कर छापेमारी कर टैंकरों से डामर चोरी करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।