सिकंदरपुर(कन्नौज)। झोलाछाप के इंजेक्शन लगाने से मासूम की हालत बिगड़ गई। जब तक परिजन उसे घर से लेकर आए, मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने क्लीनिक के बाहर हंगामा किया। इससे झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर भाग निकला। जानकारी पर पुलिस पहुंच गई। देर शाम तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी थी।
शनिवार को क्षेत्र के ग्राम धिंगपुर निवासी मनीष पुत्र रामप्रकाश अपनी डेढ़ वर्षीय पुत्री काव्या को बुखार आने पर झोलाछाप के पास लेकर गए। रामप्रकाश ने बताया कि झोलाछाप ने मासूम को दवा दी। इंजेक्शन लगाया। इसके बाद घर भेज दिया। घर पहुंचते ही बच्ची की हालत बिगड़ गई। उसे खून की उल्टी होने लगी। जब तक परिजन वापस झोलाछाप के पास लेकर आए, उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इंजेक्शन से मौत होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होता देख झोलाछाप क्लीनिक छोड़कर भाग निकला। मामले की जानकारी पर सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज नितिन कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भीड़ को शांत कराया। दोनों पक्षों में समझौते के प्रयास भी हुए।
प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।