तिर्वा(कन्नौज)। परिजन बुखार से पीड़ित बालक को लेकर झोलाछाप के पास पहुंचे। झोलाछाप के इंजेक्शन लगाते ही बालक की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा काटा।
थाना इंदरगढ़ के सादिकपुर गांव निवासी राजेंद्र सिंह के दो पुत्र हैं। बड़े पुत्र प्रशांत की उम्र 10 साल है। छोटे पुत्र शशांक की उम्र पांच साल है। शशांक को चार दिनों से बुखार व खांसी आ रही थी। पिता ने हसेरन कस्बे में झोलाछाप से इलाज करवाया। गुरुवार सुबह शशांक की अचानक हालत बिगड़ गई। परिजन उसे झोलाछाप के पास लेकर पहुंचे। आरोप है कि झोलाछाप ने उसे इंजेक्शन लगा दिया। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई।
हालत बिगड़ी देख झोलाछाप क्लीनिक छोड़ कर भाग गया। परिजन उसे मेडिकल कालेज तिर्वा लेकर पहुंचे। यहां इमरजेंसी वार्ड में उसकी मौत हो गई। परिजन लौटकर क्लीनिक पहुंचे। यहां उन्होंने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। स्थानीय लोगों के समझाने पर परिजन शांत हुए। थानाध्यक्ष इंदरगढ़ सुजीत कुमार वर्मा ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। तहरीर मिलने पर झोलाछाप पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।