ऑटो से हरियाणा से पश्चिम बंगाल जाता परिवार।
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सौरिख(कन्नौज)। जेब में सिर्फ दो हजार रुपये और 1500 किमी की दूरी...। हरियाणा के गुरुग्राम में किराये पर रहने वाला परिवार हौसले के बूते आगे बढ़ रहा है। करते भी क्या। मकान मालिक की बेरुखी से घर लौटने का रास्ता ही बचा था। परिवार हरियाणा से कन्नौज तक पहुंच गया। जेब में बचे रुपयों से दो वक्त की रोटी और ऑटो के ईंधन का खर्च कभी भी दम तोड़ सकता है। तब घर पहुंचना मुश्किल हो जाएगा।
पश्चिम बंगाल के जिला उत्तर दिनेशपुर के थाना इटहर के ग्राम कमरगंदा निवासी फिरदौस आलम नौ माह पहले पत्नी राबिया, बेटे शाहिद रजा, आसिफ अंसारी और बेटी रुमान शाहिन के साथ रोजगार की तलाश में गुरुग्राम पहुंचे थे। यहां ऑटो चलाने लगे। लॉकडाउन में ऑटो बंद हो गए। रोजगार ठप हुआ तो खाने पीने पर संकट खड़ा हो गया। मकान मालिक ने किराया न चुकाने पर घर खाली करा लिया। फिरदौस परिवार को ऑटो में बैठाकर घर के लिए निकल लिए।
फिरदौस आलम ने बताया कि सिर्फ दो हजार रु पये हैं। इनसे ही ऑटो के लिए ईंधन और परिवार के लिए रोटी पानी का इंतजाम करना है। गुरुग्राम से गांव की दूरी 15 सौ किलोमीटर है। डर है कि रास्ते में पैसे चुक गए तो वहीं फंस जाएंगे।