कन्नौज। यूपी सिडको के स्थानीय अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से ठेकेदारों को नोटिस जारी किए जाने से ठेकेदारों में रोष है। आरोप है कि काम पूरा होने पर जेई को फोन पर निरीक्षण के लिए बुलाया गया, लेकिन करीब चार माह बीतने के बाद भी जेई मौके पर नहीं पहुंचे। इसके बाद समय से काम पूरा करने का हवाला देते हुए नोटिस थमा दिया।
प्रभावित ठेकेदारों ने बताया कि 29 मार्च 2025 को निविदा जारी की गई। काम पूरा करने के लिए 28 सितंबर 2025 तक काम पूरा करना था। ठेकेदार ने बताया कि काम समय से पूरा कर लिया। इसके बाद संबंधित जेई को एमबी करने के लिए लगातार फोन करते रहे, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। मिलने पर टाल मटोल करते रहे लेकिन साइड पर नहीं आए। इसके बाद समय से काम पूरा न करने का हवाला देते हुए फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया। इससे अन्य तीन काम जो चल रहे थे, वह भी प्रभावित हो गए। पीड़ित ठेकेदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जेई ने अपने निजी लोगोंं को काम न देने पर ठेकेदारी नहीं करने देने की धमकी दी। ठेकेदारों का कहना है कि इस प्रकार की कार्यप्रणाली से ठेकेदारों को दिक्कत हो रही है। सवाल यह है कि चार महीने से संपर्क करने के बाद भी निरीक्षण कर एमबी क्यों नहीं की गई। ठेकेदारों ने समस्या को लेकर सिडको के प्रबंध निदेशक को पांच अक्तूबर 2026 को विभागीय मेल पर शिकायत दर्ज कराते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई।
वर्जन
जेई द्वारा एमबी करने में लापरवाही का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि जेई द्वारा जान बूझकर लापरवाही बरती गई है तो जांच करवाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
-संजय गंगवार, अधिशासी अभियंता यूपी सिडको