कन्नौज। पिछले साल गेहूं की फसल के दौरान शार्ट सर्किट से जनखत व अज्योरा गांव में 141 किसानों की जली फसल के मामले में 132 किसानों ने मुआवजे के लिए मंडी समिति में दावा पेश किया है। जनखत गांव के 77 किसानों के लिए 80 लाख रुपये शासन से मंडी समिति भेजा गया है। 45 किसानों के लिए पैसे की मांग की गई है। 10 किसानों की खतौनी न मिलने से पैसे की मांग लटक गई है।
पिछले साल जनखत व अज्यौरा गांव में बिजली के पोल के जंफर टूटने से निकली चिंगारी से 141 किसानों के खेत में खड़ी गेहूं की फसल जल गई थी। तहसील प्रशासन ने मौके पर जांच की थी। शासन की गाइड लाइन के अनुसार क्षति का आकलन किया गया। एक करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का अनुमान लगाया गया। किसानों का आकलन से अधिक नुकसान हुआ था। किसानों ने बिजली विभाग को पत्र भेजकर क्षति की भरपाई करने की मांग की थी। बिजली विभाग के पास इसके लिए कोई मद न होने पर मंडी समिति को जिम्मेदारी दी गई थी।
मंडी समिति ने तहसीलदार से क्षति के कागजात मांगे थे। कागजात मिलने के बाद मंडी समिति ने शासन से 77 किसानों के लिए पैसा मांगा था। शासन ने 77 किसानों की क्षति के आधार पर 80 लाख रुपये भेजे हैं। 45 किसानों के कागजात मंडी समिति को मिल गए हैं। इन किसानों की क्षति की धनराशि को शासन से मांगने की तैयारी मंडी समिति कर रही है। मंडी निरीक्षक कृष्ण मुरारी राठौर ने बताया कि जिन किसानों का पैसा शासन से मिला है, उनके खातों में जल्द भेजा जाएगा।