सलेमपुर के गुल्हारा में हजरत जमाल शाह बाबा रहमतुल्ला अलैह का उर्स धूमधाम से मनाया गया। बुधवार देर शाम कई शहरों से आए कव्वालों ने जवाबी कव्वाली का प्रोग्राम पेश किया। गुरुवार सुबह कुल शरीफ के बाद दो दिवसीय उर्स कार्यक्रम का समापन हो गया। बुधवार की शाम उर्स का नगर पंचायत अध्यक्ष दिनेश सिंह यादव ने फीता काटकर शुभारंभ कराया। नैनीताल से आए टीवी कव्वाल यूसुफ मलिक साबरी ने जर्रे को चट्टान बना दे, या अल्लाह हिंदू-मुस्लिम एक थाली में खाएं, ऐसा मेरा देश बना दे या अल्लाह...।
सुनकर लोगों ने वाहवाही लूटी। वहीं मेरा दिल भी तेरा तलबगार हो जाए.. ख्वाजा तेरे दर का दीदार हो जाए.. को सुनकर लोग झूमने के मजबूर हो गए। इसके बाद लोगों ने नात शरीफ पेश की.. कौन टाल सकता है, फैसला मोहम्मद का। फैसला खुदा का है, फैसला मुहम्मद का...।
इसको सभी ने खूब पसंद किया। कानपुर से आए उजाला परवीन ने तुमको जाना है जन्नत में अगर, अपने मां-बाप को अपने से जुटा न करो.. की प्रस्तुति दी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थानाध्यक्ष अनवर अहमद, दरोगा दिलीप कुमार व सुहेल खां के साथ भारी पुलिस बल तैनात रही। पुलिस को भीड़ नियंत्रण के लिए कई बार लाठियां भी पटकनी पड़ी। गुरुवार की सुबह पांच बजे दरगाह पर कुलशरीफ के आयोजन में अकीकतमंदों ने मुल्क के लिए अमन-चैन की दुआ मांगी। इसके बाद उर्स का समापन हो गया।