फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जलालाबाद और सौरिख फिसड्डी

Sun, 07 Jun 2015 11:29 PM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
विज्ञापन
विज्ञापन
मनरेगा के तहत मई माह में दिए गए लक्ष्य से लेबर बजट की धनराशि न खर्च हो पाने से कई परेशानियां सामने आ रही हैं। कंटेंजेंसी कम जनरेट होने से प्रशासनिक मद से लेकर संविदा कर्मियों के भुगतान में अड़चन आ रही है। मनरेगा से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए भरपूर बजट होने के बाद भी कम धनराशि खर्च होने से प्रधान, सचिव, एपीओ, तकनीकी सहायकों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ रही है।
विज्ञापन


मई महीने में जिले के 8 विकास खंडों की 441 ग्राम पंचायतों में 3 करोड़ 68 लाख 87 हजार रुपये खर्च कर विकास कार्य कराए जाने थे। तमाम कोशिशों के बावजूद सरकारी मशीनरी केवल 1 करोड़ 72 लाख 79 हजार रुपये ही विकास कार्यों पर खर्च कर सकी। इस दौरान हुई प्रगति समीक्षा में ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्य का बजट खर्च करने में जलालाबाद व सौरिख सबसे कमजोर साबित हुए हैं। वहीं हसेरन विकास खंड खर्चा करने में जिले में अव्वल रहा है। सीडीओ ने बजट कम खर्च करने वाले विकास खंडों के बीडीओ को खर्चा बढ़ाए जाने के दिशा निर्देश दिए हैं।

मनरेगा से विकास कार्य कराने में कन्नौज व तालग्राम की स्थित संतोषजनक रही। सीडीओ ने कम खर्च करने वाले बीडीओ को कड़े फरमान जारी किए हैं। चेतावनी दी गई है कि जून माह में भी कम खर्च करने वाले विकास खंडों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वहीं जलालाबाद बीडीओ को चेतावनी जारी की गई। सभी बीडीओ को निर्देश दिया गया कि आवास योजना में महिलाओं को लगाया जाए। सौरिख में बीडीओ की तैनाती नहीं है। इस कारण दिक्कतें आ रही हैं। खर्चा बढ़ाए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन


ब्लाक     मई का लक्ष्य  खर्च धनराशि (रुपये में)
छिबरामऊ    56.82 लाख   26.17 लाख
गुगरापुर      10.30 लाख   12.62 लाख
हसेरन       51.82 लाख    25.05 लाख
जलालाबाद  11.58 लाख     7.45 लाख
कन्नौज      54.98 लाख    31.58 लाख
सौरिख      42.08  लाख   13.42  लाख
तालग्राम     38.03  लाख   28.05 लाख
उमर्दा       103.26  लाख  28.42 लाख
-------------------------
8 ब्लाक     368.87 लाख      172.76 लाख
------------------------
समूह में महिलाओं से कराएं काम
मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव ने कहा कि मनरेगा योजना में महिलाओं का प्रतिशत बढ़ाए जाने के लिए बीडीओ को निर्देश दिया गया कि महिलाओं के समूह में कार्य खोजा जाए। ताकि उनको मेहनत-मजदूरी करने में झिझक न लगे। इसके अलावा अन्य विधियों को खोजकर महिलाओं की सहभागिता बढ़ाए।
-
सरकारी विभागों ने कन्नी काटी
वन विभाग, उद्यान विभाग, पीडब्ल्यूडी, नलकूप विभाग, सिंचाई विभाग, आरईडी समेत विभिन्न कार्यदाई संस्थाओं ने मनरेगा से कन्नी काट ली है। मई महीने में इन विभागों ने कोई लक्ष्य ही नहीं तय किया। गौरतलब है कि बीते सालों में कार्यदाई संस्थाएं मनरेगा से लाखों रुपये के काम कराती थीं, लेकिन धीरे-धीरे कार्यदाई विभाग मनरेगा से काम कराने से ही पल्ला झाड़ने लगे हैं। कई विभागों ने तो इस बार मनरेगा में कार्ययोजना ही नहीं दी।

वहीं जिला पंचायत व आठ क्षेत्र पंचायतें भी मनरेगा से दूरी बनाए हुए हैं। भरपूर बजट होते हुए भी मनरेगा में इन विभागों द्वारा काम न कराए जाने के कारण इनकी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ रही है। उधर अधिकारी कहते हैं कि विभागों से मनरेगा मे बजट लेने को कहा जा रहा है। वन विभाग से भी मनरेगा के बजट का सदुपयोग करके पौधरोपण कराने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें