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जांच जरूरी: शरीर में कहीं भी छिपा हो सकता कोरोना

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कन्नौज। कोरोना शरीर में कहीं भी छिपा हो सकता है। इससे जरूरी है कि जांच जरूर करा लें। जिले में कोरोना की जांचें तीन तरह से की जाती हैं। पहली जांच एंटीजन किट से कराने पर रिपोर्ट निगेटिव आए तो निश्चिंत न हों। आरटीपीसीआर जांच जरूर करवा लें।
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चिकित्सकों के अनुसार कई बार कोरोना संक्रमण पकड़ में नहीं आता है। अगर दो तरह की जांच कराने के बाद भी कोरोना नहीं मिला और शरीर में बुखार, स्वाद में दिक्कत, शरीर में भारीपन है तो सीटी स्कैन सबसे सही विकल्प है। इससे यह सामने आ जाएगा। कई मामलों में ऐसा पाया गया है कि कोरोना फेफड़े में छिप जाता है। जिला अस्पताल के सीटी स्कैन के टेक्नीशियन आदेश अग्निहोत्री का कहना है कि सीटी स्कैन की किरणें शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं, इससे डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
केस: एक
जलालाबाद निवासी 55 वर्षीय शख्स ने कोरोना की एंटीजन से जांच कराई। रिपोर्ट निगेटिव आई। इस पर आरटीपीसीआर जांच कराई। इसमें भी रिपोर्ट निगेटिव आई। तबीयत लगातार खराब होती गई। ऐसे में डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने की सलाह दी। जांच जिला अस्पताल में कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कोरोना फेफड़े में जाले बना रहा था।
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केस: दो
सदर ब्लाक क्षेत्र के जगतपुर गांव निवासी 65 वर्षीय महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई। एंटीजन किट से कोरोना जांच कराई। यह निगेटिव आई। तबीयत लगातार खराब होती गई। इससे आरटीपीसीआर से जांच कराई। रिपोर्ट निगेटिव आई। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन कराया। फेफडे़ कोरोना संक्रमित मिले। मेडिकल कालेज में उपचार दिया जा रहा है।
केस: तीन
छिबरामऊ कस्बे के मोहल्ला इंदिरानगर निवासी 50 वर्षीय दुकानदार ने एंटीजन किट से कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट निगेटिव आई। इससे यह निश्चिंत हो गए। कुछ दिन बाद फिर दिक्कत होने लगी। इस बार आरटीपीसीआर जांच कराई। इसमें कोरोना पॉजिटिव पाए गए। अब होम आइसोलेशन में हैं। इलाज चल रहा है। तबीयत में कुछ सुधार हुआ है।
केस: चार
रामपुर निगोह निवासी 40 साल की महिला ने छिबरामऊ में एंटीजन जांच कराई। कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई। इस पर जांच करने वाले ने आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल भेज दिया। दो दिन बाद पता चला कि रिपोर्ट पॉजिटिव है। निगेटिव आने के बाद भी आइसोलेट रहने की सलाह दी गई थी। अब किट देकर इलाज किया जा रहा है।
मर्जी के अनुसार कराएं कोरोना जांच
अगर किसी व्यक्ति को कोरोना जांच करा कर तत्काल रिपोर्ट चाहिए तो वह जिला अस्पताल में एंटीजन किट से जांच करा सकता है। इसकी इजाजत सीएमएस डॉ. शक्ति बसु ने दे दी है। अब कोई भी व्यक्ति खुद की मर्जी से किट से जांच करा सकता है। बशर्ते संबंधित को किसी जरूरी कार्य में रिपोर्ट लगानी हो या उपचार लेना हो।
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