गांव जलालपुर अमरा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
(एसटीपी) का निर्माण कराने के लिए जल निगम निर्माण इकाई ने अब कवायद शुरू
कर दी है। इटली की तर्ज पर तैयार की नई डिजाइन को केंद्र सरकार से मंजूरी
मिल गई है। इसके अलावा मिट्टी की जांच के लिए नमूना एचबीटीआई कानपुर को
भेजा गया है।
जल्द ही मुख्य प्लांट निर्माण का कार्य भी चालू हो जाएगा। जल
निगम निर्माण इकाई के सहायक अभियंता सुनील कुमार के अनुसार, सीवेज
ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 13 एमएलडी होगी। इसके लिए 27.397 एकड़ जमीन पर
विभाग को कब्जा मिल चुका है। इस प्लांट को बनाने की जिम्मेदारी कार्यदायी
फर्म इनविराट प्रोजेक्ट कानपुर को दी गई है।
कन्नौज शहर की सीवर लाइन चालू
होने के बाद उससे निकलने वाले सीवेज को इस एसटीपी में शोधित किया जाएगा।
पहले इसकी लागत करीब चार करोड़ रुपये थी, तब इसकी क्षमता भी 12 एमएलडी थी,
पर कानपुर और बिनगवां की तर्ज पर बनने वाले उक्त प्रोजेक्ट के लिए जमीन की
अधिक जरूरत थी, वहीं शोधित होने वाले पानी की क्वालिटी भी विशेष अच्छी नहीं
थी, इसलिए इसकी डिजाइन में संशोधन करने का निर्णय लिया गया।
इसलिए अब
इसकी संशोधित लागत 21 करोड़ एक लाख 51 हजार 500 रुपये निर्धारित की गई है।
बताया जाता है कि पांच मई 2017 तक इसे पूर्ण करके चालू करने का लक्ष्य
निर्धारित किया गया है। एसटीपी चालू होने के बाद ही कन्नौज शहर की सीवर
लाइनों को चालू किया जा सकेगा।
इस बाबत निर्माण स्थल पर मौजूद कार्यदायी
फर्म के इंजीनियर अनुज ने बताया कि 20 बाई 40 मीटर चौड़ा टैंक का निर्माण
किया जाएगा, जिसमें पंपिंग स्टेशन से आने वाले सीवेज का प्राइमरी ट्रीटमेंट
होगा। इसके बाद प्री एरिएशन व पोस्ट एरिएशन जोन में सेकेंडरी ट्रीटमेंट
होगा।
टर्सरी में पूर्णरूप से सीवेज पानी शोधित होने के बाद उसमें जरूरत के
अनुसार क्लोरीन मिलाई जाएगी। इसके बाद यह पानी गंगा में पहुंचाने के लिए
पाटा नाल में छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल जेसीबी से जमीन
समतलीकरण का कार्य चल रहा है। स्टाफ के रहने के लिए क्वार्टर भी बनाए जा
रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित भूमि की मिट्टी का सैंपल एचबीटीआई
कानपुर में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई व जल निगम निर्माण इकाई के माध्यम
से 18 दिसंबर 15 को भेजा गया है। अगले सप्ताह तक मिट्टी टेस्टिंग रिपोर्ट
आने के बाद प्लांट निर्माण कार्य कार्यदायी फर्म व जल निगम के इंजीनियरों
की नियमित निगरानी में युद्धस्तर से चालू होगा।
उन्होंने बताया कि बजट
मुहैया हो गया है। एसटीपी तक पहुंचने वाले पाटा नाले को पक्का आरसीसी बनाने
का काम भी चल रहा है। वहीं जिस पंपिंग स्टेशन के जरिए सीवेज को एसटीपी तक
पहुंचाया जाना है, उसका निर्माण भी शुरू हो गया है।