कन्नौज। पंचायती राज विभाग के जिला स्तरीय जीपीडीपी (ग्राम पंचायत विकास योजना) वाट्सएप ग्रुप पर ग्राम पंचायत अधिकारी को टिप्पणी लिखना महंगा पड़ गया। डीपीआरओ ने इसे दंडनीय मानते हुए निलंबित कर दिया है।
डीपीआरओ जेके मिश्र ने आदेश में कहा है कि सूचनाओं के आदान-प्रदान और सरकारी योजनाओं के सफल संचालन को जीपीडीपी वाट्सएप ग्रुप बना है। ब्लॉक सौरिख क्षेत्र के ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्ण कुमार ने 25 मई को अमर्यादित तथ्यहीन, निराधार और अभद्र टिप्पणी की। डीपीआरओ के मना करने पर दोबारा टिप्पणी की गई। आरोप है कि पूर्व में भी ग्राम पंचायत वीलमपुर में पंचायत भवन निर्माण में मनरेगा के तहत बड़ी मात्रा में धनराशि निकालने के बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ, उसमें भी फरवरी 2019 में निलंबन हुआ था। इस बार अमर्यादित टिप्पणी करने पर कार्रवाई हुई है। डीपीआरओ ने मामले की जांच अपर डीपीआरओ राम अयोध्या प्रसाद को सौंपी है। साथ ही ब्लॉक सौरिख से संबद्ध कर दिया है।