ग्रीन हाउस में डिमाइशटेशन शिमला मिर्च
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जिले में प्रदेश का पहला सेंटर आफ एक्सीलेंस फार वेजीटेबिल का केंद्र तैयार किया जा रहा है, जिसमें इजरायल की तकनीक से किसानों को सब्जियों की खेती कराई जाएगी। इसमें नौ ग्रीन हाउस के साथ, गोदाम और हास्टल का निर्माण होगा। इसमें किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तिर्वा तहसील के हरौलपुर्वा बेला रोड पर सब्जी उत्पादन का उत्कृष्ट केंद्र 8.6 हेक्टेयर क्षेत्रफल में तैयार किया जा रहा है। दो करोड़ 90 लाख रुपये की लागत प्रशासनिक भवन, बाउंड्रीवाल, गोदाम, कृषकों के रहने के लिए हास्टल का निर्माण कराया जाएगा।
इसके अलावा केंद्र पर हाईटेक ग्रीन हाउस का निर्माण होगा। इस ग्रीन हाउस में सब्जियों की पौध कृषकों की मांग पर उनको रोग रहित, कीट रहित स्वस्थ पौधे सस्ती दर पर होम डिलेवरी प्रदान की जाएगी। पौध को तैयार करने के लिए इजरायल की तकनीक अपनाई जाएगी। इसमें जमीन के नीचे पौधों को न तैयार करके स्टैंड क्रेट में तैयार किया जाएगा। हालांकि किसान पौधों को ओपन खेती में भी यूज कर सकते हैं।
यह हाईटेक ग्रीन हाउस पूरा वातानुकूलित होगा। एक-एक एकड़ के नौ ग्रीन हाउस तैयार कराए जाएंगे। इन ग्रीन हाउसों में शिमला मिर्च, बैगन, टमाटर, खीरा, लौकी, मसाला मिर्च सहित अन्य सब्जियां उगाई जाएंगी। इसके अलावा ओपन प्लाट में भी प्रदर्शन कर किसानों को दोनों तकनीक के प्रभावों को समझाया जाएगा। नौ शेड नेट हाउस, 36 लोटनल (प्लास्टिक के टनल) के माध्यम से पौध व प्रदर्शन कराए जाएंगे।
जिला उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव ने बताया कि इन ग्रीन हाउसों में पौध तैयार करने के लिए मिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। स्टैंड क्रेट में वर्मी कंपोस्ट, पैरे लाइट, कोकोपिट का मिक्चर उपयोग किया जाएगा। डीएचओ ने कहा कि इन ग्रीन हाउसों को तैयार करने में करीब 10 करोड़ की धनराशि खर्च होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र पर देश-प्रदेश के किसान प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए आएंगे। प्रशिक्षण के लिए आने वाले किसानों का खाने-पीने व क्षेत्र भ्रमण की व्यवस्था निशुल्क रहेगी। किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए मास्टर ट्रेनर इजरायल, हरियाणा, पंजाब, कृषि विश्वविद्यालयों से आएंगे।