कन्नौज/मानीमऊ। गंगा में कटान को लेकर अमर उजाला का अभियान रंग लाया। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता समेत कई अफसर रविवार को कासिमपुर गांव पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग ने कासिमपुर गांव के किनारे तटबंध बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी की मदद ली जाएगी और ड्रोन से कटान का सर्वे कर लेआउट तैयार किया जाएगा। अब तक आधा गांव और चार मकान गंगा मइया की गोद में समा चुके हैं।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केपी सिंह, अधिशासी अभियंता सूर्यमणि सिंह, सहायक अभियंता मनीष सिंह आदि कासिमपुर गांव पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को घर खाली करने के निर्देश दिए। गंगा गांव में अब तक 80 मीटर कटान कर चुकीं हैं और सैकड़ों पेड़ उखडकर बह गए हैं। गांव के रामाधार राजपूत, कैलाशचंद्र व रामखिलावन के मकान गंगा में समा चुके हैं तो नेकराम, प्यारेलाल व गजराज के घर कटान की जद में हैं। कटान इतनी तेज है कि प्रतिदिन रात को दो मीटर तक गांव की तरफ कटान बढ़ जाता है।
ड्रोन से होगा कटान का सर्वेक्षण, बनेगा लेआउट
कानपुर से आए सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केपी सिंह ने बताया कि गंगा में हो रहे कटान का ड्रोन से सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके फोटोग्राफ और वीडियो की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि कासिमपुर गांव में कितने मीटर तटबंध बनाने की आवश्यकता है। इसके आधार पर ही लोक निर्माण विभाग एस्टीमेट तैयार करेगा। बजट के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा।
गंगा की जलधारा बदलने से संकट में आया पुल
गंगा की मुख्य जलधारा (मेन स्ट्रीम) बदलने से हरदोई-कन्नौज मार्ग पर बने पुल के अस्तित्व पर भी संकट आ गया है। इसको रोकने के लिए तटबंध बनाया जाएगा। अधिशासी अभियंता ने बताया कि तटबंध बनाने से कटान रुकेगा, लेकिन इसके लिए पानी का कम होना जरूरी है। कासिमपुर गांव के पास 10 हजार क्यूसेेक पानी है, जो घुमाव होने के कारण लगातार कटान कर रहा है।
ग्रामीणों के पुनर्वास की होगी व्यवस्था
सदर एसडीएम रामकेश सिंह ने बताया कि कासिमपुर गांव के कटान प्रभावित लोगों की पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए ग्राम प्रधान मदनलाल से सूची ली गई है। खाली जमीन पर लोगों को आवासीय व कृषि योग्य पट्टे भी दिए जाएंगे। कटान प्रभावित लोग हरदोई रोड पर तंबू तानकर रहने लगे हैं। गांव में लेखपालों की ड्यूटी भी लगाई गई है।