हसेरन। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज को जांच व दवाइयों के लिए बाहर जाना पड़ता है। सरकारी अस्पताल के नाम पर एक रुपये की पर्ची तो काटी जाती है, लेकिन दवाइयां खुलेआम बाहरी मेडिकल स्टोर से मंगाई जा रही हैं। मेडिकल स्टोर से कमीशन के चलते डाॅक्टर खुलेआम पर्ची पर दवाइयां लिख रहे हैं।
क्षेत्र के खरगपुर गांव निवासी लक्ष्मी पत्नी दिलीप ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचीं तो, डाॅक्टर ने उनके खून की जांच के लिए एक प्राइवेट क्लीनिक वाले को बुलवाकर सैंपल दे दिया। इसके बाद उसे दवाइयां भी बाहर मेडिकल स्टोर से लेने की सलाह दी। लोगों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर संचालक मनमाने दामों पर दवाइयां बेच रहे हैं। यह लोग अच्छा कमीशन डाॅक्टर को देते हैं। दिलीप का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मरीजों का एक रुपये का पर्चा बनाकर उपचार किया जाता है, लेकिन दवाइयां और जांच बाहर से होती हैं, जहां मरीजों को अधिक रुपये देने पड़ते हैं। इससे नाराज होकर उसने सीएम पोर्टल पर शिकायत की है। चिकित्सा प्रभारी डाॅक्टर जगदीश निर्मल ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है, जांच कराई जाएगी।