छिबरामऊ। ग्राम ब्राह्मण नगला में 24 सितंबर की देर रात गोली लगने से हत्यारोपी की हुई मौत का मामला पुलिस के लिए गले की हड्डी बन गया है। घटना में प्रयुक्त तमंचा आज तक पुलिस नहीं खोज पाई है। वहीं, पुलिस ने प्रथम दृष्टया जांच के बाद आत्महत्या का दावा किया था। पुलिस घटना का जल्द राजफाश करने की बात कह रही है।
मैनपुरी जिले के भोगांव थाना क्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी राजकिशोर दुबे (55) काफी समय से बहनोई ग्राम ब्राह्मण नगला निवासी मनोज दुबे के यहां रहते थे। परिजनों ने अनुसार राजकिशोर साढ़े सात वर्ष तक हत्या के एक मामले में जेल में रहे थे और जमानत पर बाहर आए थे। 24 सितंबर की देर रात गांव में गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों को राजकिशोर पीपल के पेड़ के नीचे बने चबूतरे के पास लहूलुहान हालत में पड़ा मिला था।
घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और राजकिशोर की जेब से कारतूस मिलने की बात सामने आई थी। पुलिस का दावा है कि परिजन की ओर से राजकिशोर के आत्महत्या करने की लिखित और डिजिटल रूप से पुष्टि की गई। इसी के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के बिंदु पर जांच आगे बढ़ाने का दावा किया था। प्रकरण को करीब 20 दिन बीत चुके है लेकिन पुलिस को तमंचा नहीं मिल पाया है। कोतवाल कपिल दुबे ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है, शीघ्र ही मामले का खुलासा किया जाएगा।