मोहम्मदाबाद। कन्नौज में पकड़ा गया फर्जी दरोगा एक वर्ष पूर्व भी कानपुर के कल्याणपुर में पकड़ा गया था। जमानत पर बाहर आने के बाद वह फिर से उसे ठगी में लग गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसके माता-पिता मकान में ताला लगाकर कहीं चले गए हैं। ग्रामीण बताते हैं कि उसने शादी भी फर्जी दरोगा बनकर कन्नौज के ठठिया क्षेत्र से की थी।
मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के गांव रठौरा नगला नीब निवासी संजीव यादव को कन्नौज पुलिस ने फर्जी दरोगा बनकर अवैध वसूली करने के आरोप में 13 अक्तूबर को जेल भेज दिया था। इससे पहले वह 16 अक्टूबर 2024 को कानपुर के कल्याणपुर थाना पुलिस ने भी फर्जी दरोगा बनकर वसूली करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कुछ महीने जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर था। इसके बाद वह फिर से ठगी करने लगा था।
ग्रामीणों के अनुसार संजीव ने गांव और आसपास के क्षेत्र में भी कई लोगों से ठगी की है। उसके आचरण से नाराज होकर उसके भाई ने भी उससे दूरी बना ली है। गांव में उसके माता-पिता रहते हैं, जबकि उसकी पत्नी और बच्चों के बारे में ग्रामीणों को कोई जानकारी नहीं है। संजीव की गिरफ्तारी के बाद गांव में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। गांव के लोगों ने बताया कि उसने ठठिया क्षेत्र के गांव प्रेम विवाह किया था। उसने पत्नी को भी खुद को दरोगा बताया था। 2024 तक सभी उसे दरोगा ही समझते रहे पर उसकी कल्याणपुर में गिरफ्तारी के बाद पता चला था कि वह फर्जी दरोगा है।