कन्नौज। एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पुलिस के हाथ लगा है। गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जिले में हुईं दो घटनाओं का खुलासा किया है। गिरोह के सदस्य हरदोई, मैनपुरी, कासगंज के मूल निवासी हैं। वर्तमान में लखनऊ में रहकर गिरोह चला रहे थे। इन लोगों ने अभी तक 50 से ज्यादा वारदातें कबूल की हैं। पुलिस को इनके कब्जे से एक कार, 18 एटीएम कार्ड और आठ मोबाइल मिले हैं। गिरोह उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में घटनाएं करता था।
24 अक्तूबर 2019 को सरायमीरा निवासी सुनीता शर्मा ने पुलिस से शिकायत की थी कि एटीएम पर कार्ड बदलकर किसी ने खाते से 97911 रुपये निकाल लिए। सदर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना के ठीक एक महीने बाद 24 नवंबर 2019 को सौरिख निवासी सीमा पाल ने भी इसी तरह की घटना होने की जानकारी पुलिस को दी। सीमा पाल के खाते से 39000 रुपये निकाले गए थे। इन दो घटनाओं के बाद एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने खुलासे के लिए सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र कुमार, स्वाट टीम प्रभारी राकेश कुमार सिंह के साथ ही
सदर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा और सरायमीरा चौकी प्रभारी कमल भाटी को लगाया। मंगलवार रात को पुलिस को एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों के मानपुर चौराहे के पास मौजूद होने की सूचना मिली। पुलिस ने इन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया। पांचों सदस्य कार में बैठे थे।
सदर कोतवाली में पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवकों ने बताया कि वह हरदोई, मैनपुरी और कासगंज के मूल निवासी हैं। लखनऊ में अलग-अलग जगहों पर किराये पर फ्लैट लेकर रह रहे हैं। पांचों के पास एक आई-10 ग्रांड कार के अलावा हांडा अमेज भी है। इन्होंने बताया कि वह लोग एटीएम से पैसा निकालने जाने वाली महिलाओं को निशाना बनाते हैं। मदद के नाम पर पिन पूछ लेते हैं। इसके बाद कार्ड बदल देते हैं। एटीएम से पैसा निकाल लेते हैं। एटीएम से शॉपिंग भी करते हैं। अभी तक इसी तरह की करीब 50 वारदातें उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में की हैं। पुलिस को इनके पास से 18 एटीएम कार्ड मिले हैं। इन्हें लोगों से बदला गया था। एसपी ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
इन्हें किया गया गिरफ्तार
1- रीतेश चौरसिया उर्फ महेश चौरसिया पुत्र घसीटे चौरसिया, निवासी हरदोई जनपद के कछोना बालामऊ का गांव रैशो। हाल पता रायल सिटी बिजनौर रोड, थाना आशियाना, जनपद लखनऊ।
2-आनंद गुप्ता उर्फ शिवा गुप्ता पुत्र वेदप्रकाश गुप्ता निवासी थाने वाली गली, थाना बेवर जनपद मैनपुरी। हाल पता मुंशी पुलिया आवास विकास कालोनी, जनपद लखनऊ।
3-शिवम कुमार उर्फ बंटी पुत्र नरेशचंद्र कश्यप, निवासी ग्राम सुलामई थाना बिछवां जनपद मैनपुरी। हाल पता नगर पंचायत बेवर पानी की टंकी जनपद मैनपुरी और आवास विकास कालोनी, जनपद लखनऊ।
4-शिवम कुमार शर्मा पुत्र ग्रीश शर्मा निवासी सेडू जनपद कासगंज। हाल पता मुंशी पुलिया आवास विकास कालोनी, जनपद लखनऊ।
5-राहुल गुप्ता उर्फ अंशू पुत्र स्व. अशोक कुमार गुप्ता निवासी रद्देपुरवा रोड आजाद नगर थाना व जनपद हरदोई। हाल पता बी ब्लाक 2265 इंदिरा नगर थाना मुंशी पुलिया, जनपद लखनऊ।
एमसीए करने के बाद नहीं मिली नौकरी तो करने लगे ठगी
गिरोह का सदस्य शिवम कुमार कासगंज का रहने वाला है। पढ़ने में होशियार शिवम ने एमसीए किया है। गुरुग्राम और दिल्ली में नौकरी तलाश की। यह उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। रीतेश, आनंद और शिवम का भी तभी दिल्ली आना-जाना होता था। इनसे मुलाकात हुई। रीतेश के साथ ही राहुल गुप्ता का आना-जाना था। वह किराये पर टैक्सी चलाता है। इस तरह इन पांचों ने पैसों की तंगी आने पर गिरोह बनाया और एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने लगे।
लखनऊ और कासगंज में दर्ज हैं मुकदमे
रीतेश चौरसिया के खिलाफ लखनऊ के चौक थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा वर्ष 2018 में दर्ज कराया गया था। राहुल गुप्ता के खिलाफ लखनऊ के मड़ियावां थाने में वर्ष 2019 में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। शिवम कुमार शर्मा के खिलाफ कासगंज की सदर कोतवाली में जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट में मुकदमा वर्ष 2018 में दर्ज हुआ था।
गिरफ्तार करने वाली टीम में ये रहे शामिल
प्रथम टीम: सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र सिंह, स्वाट टीम प्रभारी राकेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल विजय शंकर राय, कांस्टेबल कुलदीप यादव, दुष्यंत यादव, करन सिंह, प्रवीन कुमार, सुधीर कुमार, मदन कुमार, तेज प्रताप सिंह, गजेंद्र कुमार, शिवराज यादव और भूपेंद्र सिंह। द्वितीय टीम: सदर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा और सरायमीरा चौकी इंचार्ज कमल भाटी।